इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में बम की धमकी से हड़कंप, बम स्क्वाड ने की सर्चिंग
इंदौर संभागायुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय को बुधवार दोपहर 2.10 बजे बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। संभागायुक्त कार्यालय की ऑ ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 10:14:02 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 10:14:02 PM (IST)
इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में बम की धमकी से हड़कंपनईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर संभागायुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय को बुधवार दोपहर 2.10 बजे बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। संभागायुक्त कार्यालय की ऑफिशियल मेल आईडी पर मेल कर बम की सूचना भेजी गई। दोपहर 12 बजे मेल देखने के बाद संभागायुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस और बम स्क्वाड ने दोनों कार्यालयों को खाली करवाकर जांच की, लेकिन किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सघन तलाशी और साइबर सेल की जांच शुरू
संभागायुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी के बाद दोनों कार्यालयों को खाली कराकर जांच की गई थी। जांच के लिए कर्मचारियों के साथ ही आमजन को बाहर निकाला गया और जांच की गई। पुलिस, बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमों ने दोनों कार्यालयों की सघन जांच की। जांच टीमों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से दोनों कार्यालयों के हर कमरे, गलियारे और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की। मामले में अब पुलिस जांच में जुटी है कि मेल कहां से आया था।
शासकीय ईमेल पर आया धमकी भरा संदेश
उपायुक्त सपना लोवंशी का कहना है कि मेल सुबह किया गया था, लेकिन दोपहर में 12 बजे के आसपास मेल देखा गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मेल शासकीय ईमेल आईडी पर आया था। साइबर सेल को भी शिकायत की गई है, ताकि जांच में पता लगाया जा सके कि यह मेल कहां से किया गया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है।
मेल में तमिलनाडु की राजनीति और विदेशी फंडिंग का उल्लेख
मेल में तमिलनाडु की राजनीतिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए राजनीतिक टिप्पणियां भी की गई हैं। मेल में स्टाफ-पाकिस्तान के जासूस बोलकर संबोधित किया गया। तमिलनाडु की राजनीति, डीएमके सरकार और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। साथ ही कुछ ट्रस्टों और विदेशी फंडिंग को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। मेल में लिखा गया कि निजी स्वार्थ वाले संगठन तमिलनाडु में कुछ ट्रस्टों को बहुत चंदा दे रहे हैं। यह विदेशी संगठनों का एजेंडा थोपने का काम करते हैं।