
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ समझौते पर सकारात्मक संकेत देने के बाद वैश्विक बाजार में स्थितियां बदलती दिखी। ऐसी खबरें आईं कि अमेरिका-ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे सकता है, जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर लंबे समय तक रोक लगाने पर सहमत हो सकता है।
इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में सोना कुछ मजबूत बोला गया। कामेक्स पर सोना वायदा सुधरकर 4541 डालर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया लेकिन इसका भारतीय बाजारों पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
इंदौर मार्केट में भी पहले ग्राहकी कमजोर बनी हुई है जिसके चलते ज्वेलर्स ने सोने के दामों में कोई बदवाल नहीं किया। सोना केडबरी सोमवार के बंद भाव 152000 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। वहीं चांदी ऊंचे दामों पर लेवाल पीछे हटने और मुनाफावसूली की बिकवाली आने से कीमतों में आंशिक कमजोर रही।
इंदौर में चांदी चौरसा आंशिक घटकर 259800 रुपये प्रति किलो रह गई। कामेक्स पर भी चांदी वायदा कुछ कमजोर देखा गया। ज्वेलर्स का कहना है कि विदेशों में सोने में बढ़त सीमित रही क्योंकि अमेरिका के मज़बूत महंगाई के आंकड़ों ने डालर और ट्रेजरी यील्ड को लगातार समर्थन दिया।
इससे इस साल फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गईं और साल के अंत से पहले ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की अटकलें भी फिर से तेज़ हो गईं। केंद्रीय बैंकों की लगातार मज़बूत खरीदारी के कारण सोने को लगातार समर्थन मिलता रहा।
गोल्डमैन सैक्स ने 2026 तक केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी के अपने अनुमान को संशोधित करके लगभग 60 टन प्रति माह कर दिया है, जिसका कारण भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विविधीकरण की लगातार बनी हुई मांग है।
जेपी मार्गन ने 2026 के लिए सोने की औसत कीमत के अपने पूर्वानुमान को 5,708 डालर प्रति औंस से घटाकर 5,243 डालर प्रति औंस कर दिया, लेकिन लंबी अवधि के लिए अपना तेज़ी का नज़रिया बरकरार रखा है उनका अनुमान है कि 2026 के अंत तक निवेश की मांग में सुधार के साथ कीमतें 6,000 डालर प्रति औंस के करीब पहुँच सकती हैं।
भारत में, सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसद से बढ़ाकर 15 फीसद किए जाने के बाद सोने की मांग कमज़ोर हुई है, जिसके कारण आधिकारिक घरेलू कीमतों पर 207 डालर प्रति औंस तक की रिकार्ड छूट (डिस्काउंट) देखने को मिली।
इस बीच, चीन में निवेश की मांग स्थिर रहने के कारण कीमतें 15 से 20 डालर प्रति औंस के बीच मज़बूत प्रीमियम पर बनी रहीं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों से पता चला कि मार्च तिमाही के दौरान भारत में सोने की निवेश मांग साल-दर-साल 52 फीसद बढ़कर 82 टन हो गई, जबकि वैश्विक स्तर पर सोने की कुल मांग 2 फीसद बढ़कर 1,230.9 टन हो गई।
कामेक्स वायदा पर सोना 4541 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 4589 डालर और नीचे में 4530 डालर प्रति औंस और चांदी 75.68 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 76.86 डालर और नीचे में 75.46 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
इंदौर के बंद भाव– सोना केडबरी रवा नकद में 152000, सोना आरटीजीएस में 156500 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 143400 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है। सोमवार को सोना 152000 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 259800, चांदी आरटीजीएस 266000 चांदी टंच 260400 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 2870 रु. प्रति नग बिका। सोमवार को चांदी 260000 रु. पर बंद हुई थी।