
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इंदौर जिले में लागू होने वाली कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और बुधवार को केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। प्रस्ताव भेजने से पहले मंगलवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में दावे-आपत्तियों का निराकरण करने के लिए बैठक आयोजित हुई। जिसमें कुल 267 आपत्तियों का निराकरण किया गया। इनमें से 11 आपत्तियां उपबंध से जुड़ी होने के कारण शासन स्तर पर भेजी जाएंगी।
वहीं 90 लोकेशन पर अचल संपत्तियों की दरें बढ़ाने की मांग को स्वीकृति दे दी गई है। इन मांगों में मुख्य रूप से कृषि भूमि की दरों में वृद्धि और आसपास की विकसित कालोनियों के बराबर दर तय करने जैसे प्रस्ताव शामिल थे। इसके अलावा 72 नई कालोनियों को भी गाइडलाइन में शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। जिले की कुल 4840 लोकेशन में से 2606 लोकेशन पर दर बढ़ाने का प्रस्ताव अब केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा गया है।
यहां से मंजूरी मिलने के बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन 1 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी। इससे रियल एस्टेट बाजार में हलचल बढ़ने की संभावना है और जमीन-प्रापर्टी की कीमतों में असर देखने को मिल सकता है। जिले में 10 से 300 प्रतिशत तक गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। इसमें सर्वाधिक 1553 लोकेशन ऐसी है, जहां पर 21 से 51 प्रतिशत तक गाइडलाइन में बढोतरी होगी।
वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजुला पटेल का कहना है कि आपत्तियों की सूची बनाकर जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखी गई। इसमें से 90 लोकेशन पर दरें बढ़ाने की मांग की गई थी, जिसकों स्वीकृत कर लिया गया है। वहीं नई कालोनियों को भी शामिल किया गया है।
जिले की 115 लोकेशन ऐसी है, जहां पर 100 प्रतिशत से अधिक गाइडलाइन दरें बढ़ेगी। इसमें कुछ लोकेशन पर 300 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्तावित की गई है। ऐसे में आने वाले वित्तीय वर्ष में आमजन को रजिस्ट्री कराने पर अधिक राशि खर्च करना होगी। पहले 100 प्रतिशत से अधिक की श्रेणी में 90 लोकेशन थी, लेकिन आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद इनकी संख्या बढ़ गई। वहीं प्रस्तावित दरों में भी बढ़ोतरी की गई है।
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आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान रजिस्ट्री से जुड़े नियम बदलने की मांग भी की गई थी। इसमें संयुक्त रजिस्ट्री में भी महिला को छूट देने की मांग की गई। पति-भाई के साथ संयुक्त रजिस्ट्री में छूट नहीं मिलती है। वहीं महिलाओं की तरह ही दिव्यांग और पूर्व सैनिकों को भी स्टाम्प ड्यूटी में छूट देने की मांग की गई है। इन सभी आपत्तियों का निराकरण शासन स्तर से होना है, इसलिए यह भोपाल भेजी जाएगी।