
लोकेश सोलंकी, नईदुनिया, इंदौर। भवन मालिकों को पहले बेसमेंट के व्यवसायिक उपयोग के नाम पर अधिकारी धमकाते हैं। इसके बाद छुटभैया नेता उनसे सेटिंग के नाम पर वसूली करते हैं। जोन-14 (हवा बंगला) में खुले आम ऐसी धांधली चल रही है। भवन अधिकारी ने पहले फोन कर मकान मालिक को चेतावनी दी। दूसरे दिन बेसमेंट सील कर दिया। कोई नोटिस या कागजी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद एक छुटभैया नेता ने दो लाख रुपये में सेटिंग की बात कही। भाव-ताव भी हुआ। मामले में वॉइस रिकॉर्डिंग सामने आई और क्षेत्रीय पार्षद तक भी वसूली की शिकायत पहुंच गई। मामला हवा बंगला जोन से बमुश्किल तीन सौ मीटर दूर का ही है। जोन से कुछ दूरी बने एक भवन में बेसमेंट में एक दुकान संचालित हो रही थी।
मकान मालिक के पास बीते सप्ताह जोन के भवन अधिकारी वैभव देवलासे का फोन पहुंचा कि बेसमेंट का उपयोग दुकान के लिए नहीं हो सकता। उसे बंद करवाया जाए। इस बीच कोई नोटिस या पत्र जारी नहीं होता। दूसरे दिन जोन का बिल कलेक्टर सीबी सिंह राजपूत मौके पर जाता है और दुकान के शटर पर लगे ताले पर अपने पदनाम लिखा कागज चिपकाकर उसे सील कर दिया जाता है। इस बीच बंद दुकान में रखा सामान भी निकालने का मौका नहीं दिया जाता।
भवन मालिक क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को शिकायत करता है लेकिन अधिकारी निगमायुक्त के आदेश पर बेसमेंट के खिलाफ कार्रवाई की मुहिम चलने का हवाला देते हैं। मकान मालिक इसके बाद इधर-उधर संपर्क करता है। निगम में पैठ रखने वाले पवन भागवत नामक व्यक्ति से बात होती है। भागवत अधिकारी से चर्चा के बाद सील खुलवाने और बदले में निगम वालों को पैसा देने का फॉर्मूला बता देते हैं।
इस पूरे मामले में कई कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है। मकान मालिक सामने किसी पवन नामक व्यक्ति से बात करते सुनाई देते हैं। पवन सीधे कहता है कि मैं वैभव से बात करता हूं। वह यह भी कहता है कि अधिकारियों से शिकायत हुई है। इसलिए कार्रवाई की गई है। भवन मालिक सवाल भी उठाते हैं कि क्षेत्र में ऐसी तमाम दुकानें है लेकिन सिर्फ उनके यहां ही ऐसी कार्रवाई क्यों हुई?
इसके बाद भवन मालिक से पवन कहता है कि अधिकारियों को दो लाख रुपये दे दो मामला निपट जाएगा। राशि को अधिक बताते हुए भवन मालिक भाव-ताव भी करता है। अगली रिकॉर्डिंग में पवन नामक व्यक्ति फिर 50 हजार रुपये में काम करवाने की बात कहता है। भवन मालिक के भाव-ताव करने पर उसे 35 हजार देने का ऑफर देता है।
वह कहता है कि मेरी बात हो गई है मैंने निगम वालों से कह दिया है कि आपका सम्मान कर देंगे। एक लड़का आएगा उसे 30-35 हजार दे देना। साथ ही यह भी कहता है कि कोई छोटा-मोटा अधिकारी नहीं बड़ा अधिकारी है। मकान मालिक रसीद की बात कहता है तो वह यह भी कह देता है कि इसकी रसीद थोड़ी मिलती है। सील खुल जाएगी और आपको आगे कोई परेशान नहीं करेगा।
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इस पूरे मामले पर दुकान सील करने वाले जोन के बिल कलेक्टर सीबी सिंह और भवन अधिकारी वैभव देवलासे से नईदुनिया ने लगातार संपर्क करने की कोशिश की। दोनों ने मामले पर बात नहीं की। ना ही यह जवाब दिया कि किसी एक भवन को बिना नोटिस सील कैसे किया गया। जबकि जोन के सामने और इस भवन के सामने भी बेसमेंट में ऐसी तमाम दुकानें संचालित हो रही है। वसूली की शिकायत मिली है, प्रकरण मेरे संज्ञान में भी आया है। मामले में दो लाख रुपये वसूली की शिकायत भी मिली है। मैंने जोन के अधिकारियों को फोन लगाकर डांटा भी थी। इसके बाद मुझे बेसमेंट की सूची वाट्सएप पर भेज दी गई। जबकि बेसमंट के खिलाफ वार्ड में मुहिम चलाने की जानकारी क्षेत्र का पार्षद होने के बाद भी मेरे पास नहीं है। बिना नोटिस के तो कोई अधिकारी भी कार्रवाई नहीं कर सकता। मैं आयुक्त को भी शिकायत कर रहा हूं- शानू शर्मा, क्षेत्रीय पार्षद।
ऑडियो और तथ्यों की हम जांच करेंगे, यदि कोई नियमविरुद्ध काम करने का दोषी पाया गया तो कार्रवाई करंगे- क्षितिज सिंघल, नगर निगम आयुक्त।