देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी का चौंकाने वाला नतीजा, दो बार एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर की जांची कॉपियां, सिर्फ 27 फीसद रहा रिजल्ट
एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के विद्यार्थियों की कॉपियों का दो मर्तबा मूल्यांकन करवाने के बाद बुधवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने आखिरकार रिजल्ट घोषित कर ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 19 Mar 2026 08:09:09 AM (IST)Updated Date: Thu, 19 Mar 2026 08:09:09 AM (IST)
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी का चौंकाने वाला नतीजा आया है (फाइल फोटो)HighLights
- दो बार एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर की जांची कॉपियां
- बीएएलएलबी में 45 प्रतिशत छात्र-छात्राएं हुए उत्तीर्ण
- एमबीए कोर के 10 हजार में से सिर्फ 2700 पास
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के विद्यार्थियों की कॉपियों का दो मर्तबा मूल्यांकन करवाने के बाद बुधवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने आखिरकार रिजल्ट घोषित कर दिया। बीते पांच साल में एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर का सबसे कमजोर रिजल्ट माना जा रहा है। इस साल कोर एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर में सिर्फ 27 फीसद विद्यार्थी पास हुए हैं।
मार्केटिंग मैनेजमेंट में महज सात प्रतिशथ छात्र-छात्राएं सभी विषय में उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं बीएएलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर का रुका हुआ रिजल्ट भी बुधवार को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया है। उसमें 45 फीसद विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। दिसंबर में विश्वविद्यालय ने एमबीए और बीएएलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा करवाई। दोनों पाठ्यक्रमों की कॉपियों का मूल्यांकन फरवरी में पूरा कर लिया गया। एमबीए में सबसे कम विद्यार्थी पास होने पर विश्वविद्यालय ने कॉपियों को दोबारा विशेषज्ञों से जांचवाने का फैसला लिया।
महज 2700 छात्र-छात्राएं ही हुए पास
डेढ़ महीने के भीतर अलग-अलग विषय विशेषज्ञों को कॉपियां भेजकर मूल्यांकन करवाया। इसके बावजूद एमबीए का रिजल्ट सबसे कमजोर रहा है। एमबीए कोर में दस हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, लेकिन महज 2700 छात्र-छात्राएं पास हो पाए हैं, जबकि पांच हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को एटीकेटी आई है। 22 फीसद छात्र फेल हो गए है।
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बीएएलएलबी में 45 फीसद रहा रिजल्ट
परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि एमबीए मार्केटिंग मैनेजमेंट में सात और फाइनेंस एडमिनिस्ट्रेशन में 36 फीसद रिजल्ट रहा है। उन्होंने कहा है कि बीएएलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर के तीन विषयों में अधिक विद्यार्थी फेल हुए थे। उन विषयों की दोबारा कॉपियां जांची गई। उसमें रिजल्ट में पांच से सात प्रतिशत रिजल्ट में सुधार रहा है। बीएएलएलबी में 45 फीसद रिजल्ट रहा है।