
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को अलग-अलग मामलों को लेकर पहुंचे लोगों ने हंगामा कर दिया। सुनवाई नहीं होने से उनका आक्रोश खुलकर सामने आ गया। एक ओर मतदाता सूची से नाम कटने से परेशान युवक का गुस्सा फूट पड़ा तो दूसरी ओर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित बेदखली के विरोध में 16 परिवारों ने नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
इमली बाजार में रहने वाले एक युवक ने मतदाता सूची से नाम हटा दिए जाने को लेकर हंगामा कर दिया। युवक का कहना है कि उसके पिता की मृत्यु 2003 से पहले हो चुकी है और वह बीएलओ को मृत्यु प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज कई बार जमा कर चुका है। इसके बावजूद उसका नाम काट दिया गया।
करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी कलेक्टर से मुलाकात न हो पाने पर युवक भड़क उठा। उसने कलेक्टर कक्ष के बाहर हंगामा करते हुए कहा कि यहां गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती। गुस्से में युवक ने अपने दस्तावेज फाड़ने की कोशिश की, जिसे उसकी मां लीलाबाई ने रोका। युवक का कहना था कि वह कई दिन से काम छोड़कर चक्कर काट रहा है।
इसी दौरान पीलियाखाल क्षेत्र में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को लेकर 16 प्रभावित परिवार भी जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि वे वर्षों से पट्टाधारी के रूप में वहां रह रहे हैं, लेकिन अब मेट्रो परियोजना के नाम पर उन्हें मकान खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं।
प्रशासन द्वारा राऊ-रंगवासा क्षेत्र में पुनर्वास की बात कही जा रही है, जिसे परिवारों ने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि दूर विस्थापन से रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता प्रमोद द्विवेदी ने प्रभावित परिवारों का समर्थन करते हुए प्रशासन पर गरीबों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता।