MP में मासूमों की शिक्षा से खिलवाड़! स्कूल ने बदला एफीलेशन तो बच्चों की पढ़ाई रोकी, जांच के आदेश
कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में मंगलवार को आरटीआइ में पढ़ने वाले स्कूली बच्चे और उनके पालक पहुंचे। पालकों ने बताया कि मास्टर माइंड स्कूल द्वारा आरटीआइ के तहत ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 03 Feb 2026 08:21:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Feb 2026 08:21:03 PM (IST)
MP में मासूमों की शिक्षा से खिलवाड़! AI GeneratedHighLights
- मास्टर माइंड स्कूल से 39 RTI बच्चे बाहर, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
- 300 से अधिक शिकायतों का निराकरण, कैंसर मरीज का होगा मुफ्त इलाज
- पूर्व प्राचार्य की 15 माह से रुकी मेडिकल रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में मंगलवार को आरटीआइ में पढ़ने वाले स्कूली बच्चे और उनके पालक पहुंचे। पालकों ने बताया कि मास्टर माइंड स्कूल द्वारा आरटीआइ के तहत प्रवेश पाने वाले 39 बच्चों को बाहर किया जा रहा है। एफीलेशन बदलने का हवाला देकर बच्चों को नहीं पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय से बच्चों को बाहर किए जाने की शिकायत के बाद प्रशासन ने स्कूल संचालक को तलब किया। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिक्षा विभाग को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी स्थिति में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।
जनसुनवाई में आए तीन सौ से अधिक आवेदन
जनसुनवाई में मंगलवार को तीन सौ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पारिवारिक विवाद और आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण शामिल थे। कई शिकायतों का मौके पर ही हाथों-हाथ निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के लिए समय-सीमा तय करते हुए संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकार के मामलों पर भी प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई। एक बुजुर्ग महिला के कैंसर के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था कराई गई, वहीं पारिवारिक विवादों के मामलों में समझाइश के माध्यम से समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनीं समस्याएं
जनसुनवाई में कलेक्टर के अलावा अपर कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं। 15 माह से नहीं मिली रिपोर्ट जनसुनवाई में होलकर साइंस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पहुंचे और उन्होंने 15 माह से लंबित मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लंबित रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं एक महिला द्वारा ससुराल पक्ष पर संपत्ति विवाद और उत्पीड़न की शिकायत पर पुलिस विभाग एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
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