
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर में बुधवार अल सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, तिलक नगर इलाके के प्रीति नगर में एक घर में आग लगने से आठ लोग जिंदा जल गए। हादसे में चार गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसा घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शार्ट सर्किंग से हुआ जो पूरे घर में फैल गई। इस दौरान घर में रखें एलपीजी सिलिंडर फटने लगे और आग तेजी से फैल गई।
वहीं, घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बयान देते हुए कहा कि इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल से अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी इंदौर रवाना किया गया है।
एसीपी कुंदन मंडलोई ने इस हादसे में मकान मालिक सहित आठ लोगों की जानकारी दी है। इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग में लगी हुई थी। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया। घर से आठ शवों को बाहर निकाला गया है। इसके साथ ही 6-7 सिलिंडर भी निकले हैं।

घर के अंदर से मिले एलपीजी सिलिंडर।
इंदौर हादसे में किशनगंज, बिहार के तीन और कोटा, राजस्थान के रहने वाले तीन लोगों की भी मौत हो गई है। मनोज पुगलिया के साले विजय सेठिया जो बिहार के किशनगंज के रहने वाले हैं वे इंदौर आए हुए थे। उनके साथ पत्नी सुमन और बेटा छोटू सेठिया भी आया था।
वहीं विजय सेठिया की बेटी टीनू और उसके दो बच्चे तनय और राशि कोटा राजस्थान से आए थे। ये सभी हादसे का शिकार हो गए हैं। इस हादसे में एक बच्चा तनय लापता बताया जा रहा था, बाद में ढूंढने पर उसका शव मिला।

हादसे में बच्चा इतना बुरी तरह से जल गया कि उसका शव पोटली में ले जाया गया।

पड़ोसियों ने बताया कि जब सुबह चीख-पुकार मची तो वे बाहर निकले, देखा तो मकान में आग लगी हुई थी। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को इसकी सूचना दी। पड़ोसी इस दौरान बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश में लगे रहे, लेकिन आग तब तक पूरे घर में फैल चुकी थी। इस घटना के बाद कॉलोनी में शोक का माहौल है। घर में लगी आग से आठ लोग जिंदा जल गए।

मकान मालिक मनोज जैन पुंगलिया जिनकी हादसे में मौत हो गई।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने आस-पास के लोगों और पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। सभी ने उन्हें बताया कि किस तरह आग लगी और लोग पड़ोसी परिवार को बचाने के लिए आग बुझाने पानी लेकर दौड़े। दोनों मंत्रियों ने इसे बहुत ही दुखद हादसा बताया।

पुगलिया परिवार की तस्वीर।

हादसे में सिमरन की भी मृत्यु हो गई।