
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अहिल्या पथ योजना से प्रभावित किसानों का इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मांगों पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किसानों ने सड़क पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार और आइडीए के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
भारतीय किसान एवं मजदूर सेना और अहिल्या पथ योजना संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसानों की मांग है कि अहिल्या पथ योजना को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही योजना से प्रभावित गांवों की जमीनों पर लगी रोक और अन्य पाबंदियां हटाने के लिए शासन स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी करे।
किसान नेताओं ने कहा कि वे कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन के इस चरण की शुरुआत करनी पड़ी। उनका कहना है कि जमीन से जुड़ी पाबंदियों को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसानों को अपने भविष्य को लेकर निर्णय लेने में परेशानी न हो।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि अहिल्या पथ योजना निरस्त करने और प्रभावित जमीनों से रोक हटाने का निर्णय जल्द नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन के अगले चरण की घोषणा भी की जाएगी।
भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा कि सरकार किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निर्णय करे। उन्होंने कहा कि जब तक अहिल्या पथ योजना रद्द नहीं होती, किसान आंदोलन जारी रखेंगे।