
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लवकुश चौराहा पर बनाए जा रहे डबल डेकर फ्लाईओवर को पूरा करने के लिए मुख्य चौराहा पर स्टील गर्डर रखी जाना है। शुक्रवार रात्रि में पहली स्टील गर्डर रखी जाएगी। 400 टन वजनी और 65 मीटर लंबी गर्डर को धकेलकर मुख्य चौराहा के स्पान पर रखा जाएगा। गर्डर रखने के दौरान नीचे से यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। गर्डर रखने के बाद लेवलिंग और अन्य कार्य होंगे। लवकुश चौराहा पर बनाए जा रहे डबल डेकर फ्लाईओवर को जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इंदौर के सबसे बड़े फ्लाईओवर के मुख्य चौराहे पर स्टील गर्डर रखी जाना है। यहां पर 65 मीटर लंबी दो स्टील गर्डर रखी जाएगी। सांवेर रोड से उज्जैन जाने वाली भुजा पर गर्डर रखने की तैयारी पूरी हो चुकी है। गर्डर को फ्लाईओवर के ऊपर ही असेंबल किया गया था।
अब उठाकर रखने की अपेक्षा धकेलकर गर्डर को दूसरी तरफ पहुंचाया जाएगा। इसके लिए स्पान पर लोही की गर्डर लगाई गई है। नीचे से क्रेन का सपोर्ट भी दिया जाएगा। गौरतलब है कि बीते दिनों कलेक्टर शिवम वर्मा और आइडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. परीक्षित झाड़े ने फ्लाईओवर निर्माण कार्यों का अवलोकन किया था और जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
फ्लाईओवर के मुख्य चौराहे पर 65 मीटर लंबी दो स्टील गर्डर रखी जानी है। चौराहे पर पिलर नहीं बनाने के कारण सबसे लंबी गर्डर रखी जा रही है। छह लेन फ्लाईओवर पर तीन-तीन लेन की चौड़ाई की गर्डर रखी जानी है। पहली की तैयारी पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरी गर्डर को असेंबल किया जा रहा है। इस स्टील गर्डर को एक माह बाद चौराहे पर रखा जाएगा।
लवकुश चौराहा पर बनाए जा रहे डबल डेकर फ्लाईओवर के पियर तैयार होने के बाद स्पान पर सीमेंट के सेगमेंट की लांचिंग की गई। एक स्पा पर 13 सेगमेंट रखे गए है। फ्लाईओवर के सभी 24 स्पान पर सीमेंट और स्टील के 30 हजार टन वजन के 247 सेगमेंट रखे गए हैं। मुख्य चौराहे पर स्टील गर्डर रखी जाना है।
24 स्पान पर सीमेंट और स्टील के स्पान रखने का कार्य एक माह से अधिक समय से जारी है। सीमेंट के सेगमेंट का निर्माण सुपर कॉरिडोर पर ही किया गया। वहीं बड़ी क्रेन के माध्यम से इनकों पियर पर रखा गया। यह कार्य रात्रि में यातायात बंद कर किया गया, ताकि किसी तरह के हादसे का अंदेशा नहीं रहे।
लवकुश फ्लाईओवर पर रखे जाने वाले सीमेंट के एक सेगमेंट की चौड़ाई 25 मीटर और वजन 120 टन हैं। इसके अनुसार 13 स्पान की चौड़ाई 351 मीटर और वजन 1560 टन हुआ। सेगमेंट में लगे सरियों की मदद से डिवाइडर बनाया गया है। सभी सेगमेंट रखने के बाद ब्लेंसिंग कर ऊपर डामर की डबल परत चढ़ाई गई है।
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डबल डेकर फ्लाईओवर में 65 मीटर लंबी स्टील गर्डर 23 मीटर ऊंचाई पर मुख्य चौराहे पर लगेगी। इसके अलावा दोनों तरफ दो-दो स्पान में 40 मीटर लंबी स्टील की गर्डर लगाई गई है। यह गर्डर अहमदाबाद और चंदीगढ़ में बन कर इंदौर पहुंची और यहां पर जोड़ने का कार्य किया गया है।