जिन फ्लैटों का प्रधानमंत्री मोदी ने किया था लोकार्पण, दो साल में ही हो गए जर्जर, बदहाली पर कोर्ट ने मांगा जवाब
याचिका में कहा है कि वर्ष 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के फ्लैट दो साल में ही ऐसे हो गए हैं कि इनमें रहना मुश्किल हो गया है। फ्लैटों में लीकेज, दीवा ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 08 May 2026 10:05:50 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2026 10:05:50 PM (IST)
इंदौर हाईकोर्ट।HighLights
- इंदौर के लाइट हाउस में संकट
- 2 साल में ही फ्लैट हो गए जर्जर
- लीकेज और जंग से सुरक्षा खतरे में
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए लाइट हाउस प्रोजेक्ट के फ्लैटों की बदहाली को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत हुई है। याचिका में कहा है कि वर्ष 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के फ्लैट दो साल में ही ऐसे हो गए हैं कि इनमें रहना मुश्किल हो गया है। फ्लैटों में लीकेज, दीवारों में दरारें और करंट फैलने जैसी समस्याएं हैं।
लोहे के स्ट्रक्चर पर बने इन फ्लैटों में जंग लगने लगी है। लगातार पानी रिसने के कारण घरों और बाथरूम में करंट फैलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद नगर निगम सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
लोकार्पण के दो साल बाद ही बुनियादी ढांचे में दरारें
याचिकाकर्ता नरेंद्र गोस्वामी की ओर से एडवोकेट अनुराग जैन ने यह याचिका प्रस्तुत की है। गौरतलब है कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री ने किया था। इसके तहत 1024 फ्लैट बने थे। याचिका में फ्लैटों की दीवारों में दरार, कमरों और बाथरूम में पानी रिसाव तथा करंट फैलने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। रहवासियों का कहना है कि वे कई बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
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मजबूत निर्माण और सुरक्षा की मांग
याचिका में मांग की है कि रहवासियों को सुरक्षित और मजबूत सीमेंट-कंक्रीट निर्माण वाले फ्लैट उपलब्ध कराए जाएं। कोर्ट ने तर्क सुनने के बाद निगमायुक्त से कहा है कि वे रहवासियों की शिकायतों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।