इंदौर कलेक्टर गाइडलाइन पर आपत्तियों की बाढ़, आखिरी दिन तक पहुंचीं 500 शिकायतें, 24 मार्च को भोपाल भेजा जाएगा प्रस्ताव
इंदौर में नई कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर आमजन और वकीलों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई जा रही है। शनिवार को आपत्तियां दर्ज करने के आखिरी दिन तक 500 के करीब आ ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 07:12:57 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 07:12:57 PM (IST)
लोकेशन पर दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर मचा घमासान।HighLights
- रिंग रोड और बायपास पर 100% बढ़ोतरी का विरोध
- लोकेशन पर दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर मचा घमासान
- गाइडलाइन को लेकर जनता ने दर्ज कराई आपत्ति
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में नई कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर आमजन और वकीलों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई जा रही है। शनिवार को आपत्तियां दर्ज करने के आखिरी दिन तक 500 के करीब आपत्तियां दर्ज हो चुकी थी। इसमें जिले में विभिन्न प्रस्तावित सड़क मार्गों के आसपास के गांवों में गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी करने की आपत्तियां दर्ज हुई है। वहीं शहरी क्षेत्र में पुरानी मल्टी (अपार्टमेंट) के लिए दरें कम करने को लेकर आपत्तियां दर्ज हुई है। आपत्तिकर्ता का मानना है कि समय के साथ अपार्टमेंट की स्थिति और सुविधाएं बदल जाती है, इसलिए उनकी दरें कम होना चाहिए।
500 के करीब आपत्तियां प्राप्त हुई
जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में जिले की 2606 लोकेशन पर गाइडलाइन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली थी। इन लोकेशन पर 10 से 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। प्रस्ताव पर रियल एस्टेट से जुडे लोग, पंजीयन विशेषज्ञ और आमजन अपनी-अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे है। यह प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गई। सभी पंजीयन कार्यालयों के साथ ही ईमेल और वाट्सएप पर भी आपत्तियां स्वीकार की गई।
वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूला पटेल का कहना है कि 500 के करीब आपत्तियां प्राप्त हुई है। सभी प्राप्त आपत्तियों को संकलित कर जिला मूल्यांकन समिति की स्वीकृति से निराकरण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। संभावना है कि 24 मार्च को प्रस्ताव भोपाल भेज दिया जाएगा।
सड़क आधारित वृद्धि पर आपत्ति
शहर में सड़क आधारित दर वृद्धि को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। लोगों का कहना है कि सभी सड़कों को एक समान मानकर कीमत बढ़ाना सही नहीं है। खासतौर पर बायपास और रिंग रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग मानकर 100 प्रतिशत बढ़ोतरी करना अनुचित बताया गया है। इसके बजाय, सड़क की वास्तविक उपयोगिता और लोकेशन के आधार पर दरें तय करने की मांग की गई है।