
कपिल नीले, नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आईईटी) गर्ल्स हास्टल में इन दिनों व्यवस्थाएं बिगड़ गई है। यहां की मेस 22 मई से बंद होगी। संचालक ने गैस महंगी होने की वजह बताई है। गैस की किल्लत के बीच संचालक ने मेस फीस में 300 रुपये राशि बढ़ाई।
छात्राओं ने विरोध किया और अतिरिक्त शुल्क देने से मना कर दिया। 22 मई से होस्टल की मेस का संचालन नहीं किया जाएगा। इसे छात्राओं के सामने अब भोजन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जबकि छात्राएं वैकल्पिक व्यवस्था करने में लगी है। कुछ छात्राओं ने निजी टिफिन सेंटर से संपर्क किया है। हालांकि छात्राओं की समस्या दूर करने को संस्थान तैयार नहीं है।
होस्टल में 250 से अधिक छात्राओं के लिए नाश्ता और दिन में दो समय भोजन की व्यवस्था मेस के माध्यम से की जाती है। इसके लिए प्रत्येक छात्रा से हर महीने 2500 रुपये फीस ली जाती है। लेकिन मार्च से गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति में परेशानी का हवाला देते हुए मेस संचालक ने प्रति छात्रा 300 रुपये अतिरिक्त शुल्क मांगे। संचालक का कहना था कि यह बढ़ोतरी केवल 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से की गई है। ताकि मेस संचालन जारी रखा जा सके।
छात्राओं ने अतिरिक्त शुल्क देने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि पहले से ही तय फीस ली जा रही है, ऐसे में अचानक शुल्क बढ़ाना गलत है। फीस बढ़ाने के विरोध में छात्राओं ने हंगामा भी किया। इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए आइईटी के निदेशक प्रो. प्रतोष बसंल , हास्टल चीफ वार्डन डा. नागेंद्र सोहनी, छात्राओं व मेस संचालक के बीच बैठक हुई।
बैठक में मेस संचालक ने पुरानी फीस में काम करने से मना कर दिया। इसके बाद संस्थान प्रबंधन ने छात्राओं से 100 रुपये अतिरिक्त देने और एक समय भोजन की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन छात्राएं इस पर भी राजी नहीं हुईं। उनका कहना था कि पूरी फीस लेने के बाद केवल एक वक्त का खाना देना पूरी तरह अनुचित है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अप्रैल में करीब 20 से 25 दिनों तक मेस बंद रही।
इस दौरान कई छात्राओं ने टिफिन सेवा शुरू करवा ली। जबकि कुछ छात्राएं आनलाइन खाना मंगाने को मजबूर हुईं। जिन छात्राओं ने पहले से मेस फीस जमा कर दी थी। उनके दबाव के चलते संचालक को दोबारा कुछ समय के लिए मेस शुरू करनी पड़ी। पिछले सप्ताह मेस फिर शुरू की गई। मगर 22 मई से मेस की सेवाएं बंद होगी। 22 मई से छुट्टियां पड़ने वाली है। सिर्फ फाइनल ईयर की छात्राएं अपने घर जाएंगी। मगर फर्स्ट और सेकंड ईयर की छात्राएं रहेगी, जिनके सामने भोजन को लेकर संकट खड़ा हो गया है।
संस्थान यह तर्क दे रहा है कि 22 मई तक परीक्षा चलेगी। फिर सेमेस्टर ब्रेक के चलते होस्टल में छात्राएं नहीं रहेगी। ऐसे में होस्टल खाली रहेगी। मेस भी बंद रहेगी। अगले महीने नई मेस का टेंडर किया जाएगा। -डा. नागेंद्र सोहनी, चीफ वार्डन, आईईटी होस्टल
गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत और किल्लत की वजह से मेस संचालक ने राशि बढ़ाई थी। मगर छात्राओं ने अतिरिक्त शुल्क देने से माना कर दिया। बीच का रास्ता निकलने के लिए छात्राओं और मेस संचालक से चर्चा की गई थी, लेकिन दोनों पक्षों की सहमति नहीं बनी। -डा. प्रतोष बसंल, निदेशक, आईईटी