
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न हुए ईंधन संकट के बीच घरेलू गैस सिलिंडर के लिए पैनिक उत्पन्न हो गया था और बल्क में बुकिंग हो रही थी। इस वजह से उपभोक्ताओं को आठ से दस दिन में ही सिलिंडर मिल पा रहा था। अब यह पैनिक खत्म हो चुका है और सिलिंडर की डिलीवरी दो दिन में हो रही है।
सिलिंडर की डिलीवरी को पूरी तरह से ओटीपी बेस कर दिया गया है। बगैर ओटीपी के सिलिंडर की डिलीवरी नहीं की जा रही है। हालांकि इसके बावजूद घरेलू गैस सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग रेस्टोरेंट पर दिखाई दे रहा है।
ईंधन संकट के बीच सबसे अधिक प्रभावित कमर्शियल गैस उपभोक्ता हुए थे, क्योंकि इनकी सप्लाई रोक दी गई थी। यह सप्लाई लंबे समय रुकी रही, इसके कारण कई छोटे रेस्टोरेंट बंद हो गए। वहीं कई रेस्टोरेंट और होटलों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग शुरू कर दिया गया। कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम भी बढ़कर तीन हजार से अधिक हो गए।
वर्तमान में 19 किलो का सिलिंडर 2847 रुपये में मिल रहा है। इस वजह से सप्लाई सामान्य होने के बावजूद कमर्शियल गैस की मांग कुछ कम हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन 2500 से तीन हजार कमर्शियल सिलिंडर की खपत है, जबकि पहले 3500 से चार हजार सिलिंडर प्रतिदिन खपत थी।
ईंधन संकट के दौरान शहर में पीएनजी गैस की सप्लाई सामान्य रही थी। इसकी वजह से इनके कनेक्शन भी बढ़े हैं। बाजारों में कई रेस्टोरेंट और होटलों को पीएनजी कनेक्शन दिए गए थे। ऐसे में पीएनजी का उपयोग बढ़ने से कमर्शियल सिलिंडर की खपत कम हुई है। हालांकि शादी-विवाह के सीजन में कमर्शियल सिलिंडर की खपत बढ़ती है, जो वर्तमान में बंद है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बदहाल, किसी रूट पर सुविधा नहीं, तो कही समय की गड़बड़ी; अब सिर्फ ई-बसों से उम्मीद
घरेलू गैस सिलिंडर डिलीवरी व्यवस्था ओटीपी बेस होने से सिलिंडर किसी अन्य को नहीं दिया जाता है। डिलीवरी के लिए ओटीपी जनरेट होने के बाद तीन दिन में सिलिंडर डिलीवर करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं होने पर सिस्टम अपने आप तीन दिन में बुकिंग को रद्द कर देता है और आपके खाते में भी सिलिंडर दर्ज नहीं होता है।
इसलिए उपभोक्ता दोबारा बुकिंग आसानी से करवा सकता है। ओटीपी सिर्फ रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने के कारण वास्तविक उपभोक्ता तक ही सिलिंडर पहुंचता है। पहले घर पर नहीं मिलने पर अन्य को सिलिंडर बेच दिया जाता था।