
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रिंग रोड के चार चौराहों पर फ्लाईओवर बनाए जा चुके हैं, जबकि दो पर बनाए जा रहे हैं। इनके पूरा होने के बाद 75 प्रतिशत सड़क सिग्नल फ्री हो जाएगी और वाहनों का आवागमन सुगम होगा। अब वाहन रेडिसन और रोबोट चौराहे पर फंस रहे हैं, इन दोनों चौराहों पर भी फ्लाईओवर बनाने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है। यहाँ पर फ्लाईओवर बनने से करीब एक लाख वाहनों की राह सुगम होगी।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने दो नए फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये फ्लाईओवर शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल रोबोट चौराहा और रेडिसन चौराहा पर बनाए जाएंगे। इससे व्यस्ततम समय में लगने वाले लंबे जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा।
आइडीए सीईओ परिक्षित झाड़े ने बताया कि शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण रिंग रोड के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक दबाव तेजी से बढ़ा है। इसी को देखते हुए इन दोनों स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई है, ताकि यातायात सुगम हो सके और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
गौरतलब है कि इन दोनों चौराहों पर फ्लाईओवर बनने के बाद रिंग रोड के आठ चौराहों पर फ्लाईओवर हो जाएंगे। सिर्फ बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा ही छूटेगा। इससे आसपास की 100 से अधिक कॉलोनियों के रहवासियों और हजारों वाहन चालकों को सीधा फायदा होगा। इन कॉलोनियों के लोगों को रोजाना इन चौराहों से होकर गुजरना पड़ता है, जहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
रोबोट चौराहे पर बनने वाला फ्लाईओवर खजराना चौराहे के फ्लाईओवर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसमें सड़क के दोनों ओर दो-दो लेन की अलग-अलग विंग बनाई जाएंगी। इस तरह का डिजाइन इसलिए चुना गया है, क्योंकि इस चौराहे के बीच से इंदौर मेट्रो लाइन गुजर रही है। मेट्रो को ध्यान में रखते हुए फ्लायओवर का ढांचा तैयार किया जाएगा, ताकि दोनों परियोजनाएं एक-दूसरे में बाधा न बनें। ऐसे में फ्लाईओवर ग्रीन बेल्ट में बनेगा।
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रेडिसन चौराहे पर बनने वाले फ्लाईओवर के लिए तकनीकी तैयारी और सर्वे शुरू किया गया है। प्रारंभिक योजना के मुताबिक यह फ्लाईओवर रिंग रोड के ऊपर से निकलेगा। इसकी एक शाखा विजय नगर चौराहे की ओर जाएगी, जबकि दूसरी शाखा स्टार चौराहे की दिशा में उतरेगी। इससे इस हिस्से में ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।