
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में आज यानि 7 सितंबर को तेज बारिश हुई लेकिन शहर में बीतें वर्षों की तुलना में इस मानसून सीजन में अब तक काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। वर्तमान में कोई मजबूत या प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय न होने के कारण शहरवासियों को अगले सप्ताह केवल हल्की बूंदाबांदी से ही संतोष करना पड़ेगा। इसके साथ ही दिन के समय गर्मी और उमस लोगों को परेशान करेगी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शहर के आसमान में स्थानीय (लोकल) सिस्टम बनने के कारण कुछ समय के लिए हल्की वर्षा हो सकती है और बादल छाए रहेंगे। ऐसी स्थिति में दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इंदौर शहर में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 485.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि तक होने वाली सामान्य औसत वर्षा से 292.3 मिलीमीटर कम है।
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। वहीं, मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) श्रीगंगानगर, नारनौल, उत्तर-पश्चिम मप्र और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी त्रिपुरा तक विस्तृत है।
इसके अतिरिक्त, दक्षिण गुजरात से झारखंड तक फैली द्रोणिका अब दक्षिण गुजरात से उत्तर बांग्लादेश तक जा रही है, जो उत्तर-पश्चिम व दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बने निम्न दबाव क्षेत्र से होकर उत्तर छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजर रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय यह सिस्टम ज्यादा प्रभावी नहीं है। इसी वजह से इंदौर सहित पूरे पश्चिमी मध्य प्रदेश में आगामी सप्ताह केवल हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि, इस दौरान प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है। इंदौर में केवल स्थानीय बादल बनने से ही छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।