
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में लगातार बढ़ रहे श्वानों के काटने के मामलों को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने चिंता जताई है। सोमवार को जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की और कहा कि इंदौर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन तक नहीं होता।
चूंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इसलिए हम सिर्फ इतना आदेश दे रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने लगभग दो माह पहले नगरीय निकायों को आदेश दिया था कि सार्वजनिक स्थानों से श्वानों को हटाया जाए और उन्हें डॉग शेल्टर होम बनाकर शिफ्ट किया जाए। बावजूद इसके इंदौर में अब तक कुछ नहीं हुआ। हाई कोर्ट अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने के बाद सुनवाई करेगा।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका युवाओं के संगठन डूइंग नीडफुल एसोसिएशन ने एडवोकेट गगन बजाड़ के माध्यम से प्रस्तुत की है। याचिका में कहा है कि नगर निगम दावा करता है कि अब तक ढाई लाख श्वानों की नसबंदी हो चुकी है, लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
निगम द्वारा तय एजेंसी नसबंदी के नाम पर श्वानों के कान काट देती है, लेकिन वास्तव में नसबंदी हो भी रही है या नहीं, इस बात की कभी जांच नहीं हुई। याचिका में मांग की गई है कि श्वानों की नसबंदी का रिकॉर्ड ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से आम नागरिकों के लिए सार्वजनिक किया जाए।
हाई कोर्ट ने याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता पीयुष माथुर को न्याय मित्र बनाया है। इसके अलावा एडवोकेट बजाड़, एडवोकेट मनीष यादव के साथ-साथ पूर्व में श्वानों को लेकर याचिका लगा चुकी वंदना जैन ने भी अपनी बात रखी।
श्वानों की बढ़ती समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान याचिका दायर की है। याचिका में सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों से कहा है कि वे चाहें तो लिखित में अपने तर्क दे सकते हैं। इसी याचिका की सुनवाई करते हुए करीब दो माह पहले सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के स्थानीय निकायों से कहा था कि वे सार्वजनिक स्थानों से श्वानों को हटाएं और उन्हें डाग शेल्टर होम में शिफ्ट करें।
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निगम के आंकड़ों के हिसाब से इंदौर में दो लाख से ज्यादा आवारा श्वान हैं। औसतन 200 लोग रोज श्वानों के काटने का शिकार हो रहे हैं। देवगुराडिया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर एकमात्र डॉग शेल्टर होम है।
इस डॉग शेल्टर होम की क्षमता 200 श्वानों को रखने की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद थी कि निगम जल्द ही बड़ा डॉग शेल्टर होम शुरू करेगा, लेकिन नहीं हुआ।
यह सही है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में हमें डॉग शेल्टर होम बनाना है। हम इसके लिए जगह तलाश रहे हैं। तीन-चार स्थान देखे भी हैं। स्थान तय होते ही डाग शेल्टर होम का काम शुरू कर देंगे।
-पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर