इंदौर में अवैध कॉलोनाइजर्स की अब खैर नहीं, प्रशासन चलाएगा अतिक्रमण हटाओ अभियान, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
Indore News: इंदौर जिले में अवैध कॉलोनी निर्माण करने वालों और सरकारी जमीन पर कुदृष्टि रखने वाले अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने अब आर-पार क ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 31 Jan 2026 10:31:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Jan 2026 10:31:56 PM (IST)
इंदौर में अवैध कॉलोनाइजर्स की अब खैर नहीं।HighLights
- सरकारी जमीन से हटेगा अतिक्रमण
- अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर
- भू-राजस्व वसूली के लिए मिला लक्ष्य
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिले में अवैध कॉलोनी निर्माण करने वालों और सरकारी जमीन पर कुदृष्टि रखने वाले अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाएं और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने की हिदायत
कलेक्ट्रेट में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देशित किया कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व मामलों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े इन कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन प्रमुख योजनाओं की हुई गहन समीक्षा
बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और अधिनियमों के तहत प्रगति की अधिकारीवार समीक्षा की गई। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में भू-अधिकारों के सुदृढ़ीकरण पर जोर।
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम: तय समय में नागरिकों को सेवाएं प्रदान करना।
- सीएम हेल्पलाइन: दर्ज शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण संतुष्टि के साथ निराकरण।
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भू-राजस्व वसूली और राजस्व लक्ष्य पर जोर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप भू-राजस्व की वसूली सुनिश्चित करें। राजस्व आय बढ़ाने और सरकारी तंत्र को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को फील्ड पर सक्रिय रहने और नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है ताकि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण न हो सके।