
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल का नवीनीकरण कार्य पूरा हो चुका है और अब इसे टर्मिनल-1 के रूप में नई पहचान दी गई है। 24 मार्च को इसका वर्चुअल लोकार्पण केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू द्वारा किया जाएगा। इस टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ अधिक सुगम और तेज यात्रा अनुभव मिलेगा।
नवनिर्मित टर्मिनल-1 में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई तकनीकी व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं। यहां चार सेल्फ सर्विस मशीनें लगाई गई हैं, जिनकी मदद से यात्री खुद ही अपना बोर्डिंग पास जनरेट कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।
इसके अलावा लगेज जांच के लिए तीन अत्याधुनिक एक्स-रे स्कैनर लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षा जांच प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनेगी। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण कार्य दो साल पहले शुरू किया गया था। अब सभी कार्य पूरे हो चुके है और बाहरी सफाई का कार्य जारी है। यहां पर छोटे विमान का संचालन किया जाएगा। साथ ही शारजाह की उडा़न भी यहां से संचालित होगी।
टर्मिनल में यात्रियों की सुविधाओं के लिए 14 चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं, जिनमें एक विशेष काउंटर दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा। दिव्यांगों की सुविधा के लिए वेटिंग एरिया से बाथरूम तक पहुंच के लिए फर्श पर संकेतक (टैक्टाइल पाथ) जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उन्हें टर्मिनल में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि सुरक्षा मंजूरी के बाद संचालन शुरू किया जाएगा।
देश के अन्य एयरपोर्ट पर कई सुविधाओं के साथ ही इंदौर टर्मिनल का लोकार्पण उड्डयन मंत्री द्वारा किया जाएगा। 100 मीटर वाहनों का प्रवेश बंद यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए टर्मिनल के सामने 100 मीटर तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। केनोपी के नीचे पैदल यात्री आना-जाना कर सकेंगे। पिक एंड ड्रॉप की सुविधा केनोपी के बाहर रहेगी, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित और खुला मार्ग मिलेगा। टर्मिनल के बाहर ही एयरलाइंस के टिकट काउंटर और कार्यालय भी बनाए गए हैं।
पुराने टर्मिनल के नवनिर्माण कार्य में 50 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस टर्मिनल में 400 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था और 150 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की गई है। यह टर्मिनल लगभग 6000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और यहां से प्रतिदिन 16 छोटे विमानों का संचालन प्रस्तावित है।
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टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख होगी, जबकि मौजूदा टर्मिनल-2 की क्षमता 40 लाख है। दोनों टर्मिनलों के साथ इंदौर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी। हालांकि यात्रियों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए यह व्यवस्था भी आने वाले वर्षों में चुनौती बन सकती है।