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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए पुराने टर्मिनल (टर्मिनल-1) का नवनिर्माण कार्य किया गया है। इसका लोकार्पण 24 मार्च को हो जाएगा और अप्रैल से यहां से उड़ानें संचालित होने लगेंगी। यहां से लखनऊ, रायपुर, जयपुर, जबलपुर सहित 16 उड़ानें संचालित होंगी। इन सभी उड़ानों के लिए छोटे 76 सीटर विमान का उपयोग होता है। इसमें 14 उड़ानें इंडिगो विमान कंपनी की हैं, वहीं, एक-एक उड़ान स्टार एयर और अलायंस एयर की रहेगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह उड़ान का संचालन भी टर्मिनल-वन से होगा। हालांकि अभी उड़ान का संचालन बंद है और 29 मार्च से संचालन शुरू हो सकता है। वर्तमान टर्मिनल की यात्री क्षमता 40 लाख प्रतिवर्ष है, जबकि बीते साल ही यहां से 44 लाख के करीब यात्रियों ने यात्रा की थी।
ऐसे में यात्रियों का भारी दबाव झेल रहे टर्मिनल से 16 उड़ानों को टर्मिनल-वन पर स्थानांतरित किया जाएगा। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए करीब दो साल पहले पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण कार्य शुरू किया गया था और अब यह पूरा हो चुका है।
टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख होगी, जबकि मौजूदा टर्मिनल-2 की क्षमता 40 लाख है। दोनों टर्मिनलों के साथ इंदौर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 लाख यात्री प्रतिवर्ष हो जाएगी। हालांकि दो साल में यह यात्री संख्या भी पार कर जाएगी।
यात्रियों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए यह व्यवस्था भी आने वाले सालों में चुनौती बन सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार का कहना है कि नया टर्मिनल प्रस्तावित है और इसके निर्माण होने तक के लिए यह व्यवस्था की गई है। इससे वर्तमान टर्मिनल पर यात्रियों का दबाव कम होगा।
नवनिर्मित टर्मिनल-1 में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई तकनीकी व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं। यहां चार सेल्फ सर्विस मशीनें लगाई गई हैं, जिनकी मदद से यात्री खुद ही अपना बोर्डिंग पास जनरेट कर सकेंगे। तीन अत्याधुनिक एक्स-रे स्कैनर, 14 चेक-इन काउंटर, 400 यात्रियों का वेटिंग एरिया भी रहेगा। यहां से प्रत्येक घंटे तीन सौ यात्री यात्रा कर सकेंगे।
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वर्तमान टर्मिनल में जगह की कमी के कारण वाहनों का पिक एंड ड्रॉप केनोपी के अंदर होता है, लेकिन टर्मिनल-1 में केनोपी में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यहां पैदल यात्री आसानी से चहलकदमी कर सकेंगे। केनोपी के बाहर वाहनों के पिक एंड ड्रॉप की सुविधा रहेगी। 50 करोड़ रुपये में नवनिर्मित टर्मिनल में दोपहिया और कारों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी।