
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। डेली कॉलेज के चुनाव को लेकर जारी विवाद के बीच अब आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे है। वहीं, न्यू डोनर श्रेणी के प्रत्याशी राजेश अग्रवाल द्वारा चुनाव प्रक्रिया और बैलेट पेपर को लेकर लगाए गए आरोपों पर पूर्व बोर्ड सदस्य हरपाल सिंह भाटिया ने सख्त जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के बैलेट पेपर चोरी, चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और असंवैधानिक कार्रवाई जैसे आरोप लगाना चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश है।
पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता की निगरानी में हुई। उनके अनुसार कई प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे और पोस्ट आफिस तक जाकर बैलेट पेपर भेजने की प्रक्रिया देखी गई थी। चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाकर माहौल खराब करना ठीक नहीं है।
भाटिया ने कहा कि यदि आरोप लगाने वालों के पास वास्तव में कोई प्रमाण हैं, तो उन्हें मीडिया में बयान देने के बजाए संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। आरोप लगाने से भ्रम की स्थिति बन रही है। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। चुनाव अधिकारी की निगरानी में बैलेट पेपर पोस्ट ऑफिस तक भेजे गए थे। भाटिया ने कहा कि डेली कालेज जैसी 155 साल पुरानी संस्था को लगातार विवादों में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि चुनाव जैसे संवेदनशील मुद्दे पर केवल तथ्यात्मक और प्रमाण आधारित बातें ही सार्वजनिक रूप से रखी जाएं, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। गौरतलब है कि गुरुवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस कर ओल्ड डेलियन और न्यू डोनर कैटेगरी के प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने डेली कालेज सोसायटी और बोर्ड अध्यक्ष पर बैलेट पेपर जबरदस्ती छीनने के आरोप लगाए थे।