
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ब्रजेश्वरी एनएक्स में हुए भीषण अग्निकांड की तस्वीर डिजिटल डेटा ने साफ कर दी है। जांच अब कार पर आकर टिक गई है। प्राप्त साक्ष्य से स्पष्ट है कि ओवर चार्जिंग के चलते इलेक्ट्रिक कार की बैटरी बम की तरह फटी थी। कुछ अन्य निष्कर्षों के साथ अभी आधिकारिक रिपोर्ट आना बाकी है।
बोर्ड की स्पार्किंग के बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया है। घटना के वक्त ईवी कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। जांच करने वाले विशेषज्ञ ने ओवरचार्जिंग से बैटरी में विस्फोट होने का दावा किया है। इसकी पुष्टि स्मार्ट मीटर और ट्रांसफार्मर के डिजिटल डेटा से भी हो रही है। कंपनी ने पिछले तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट के डेटा निकाल कर रिपोर्ट बनाई है।
उद्योगपति मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने गुरुवार को दावा किया था कि कार में चार्जर लगा हुआ ही नहीं था। आग बिजली के खंभे से निकली चिंगारी से लगी। इसी दावे की तकनीकी पड़ताल शुक्रवार को शुरू हुई। बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री डीके तिवारी, फायर सेफ्टी विशेषज्ञ विद्या फूलमानी और उपमन्यु साहू तथा टीआई मनीष लोधा की टीम ने करीब पांच घंटे तक मौके की छानबीन की।
जांच का निष्कर्ष स्पष्ट है कि आग की शुरुआत बिजली के खंभे से नहीं, कार से हुई। इलेक्ट्रिक बोर्ड के सॉकेट में शॉर्ट सर्किट की आशंका भी जताई जा रही है।
हादसे की रात कार एमपी 09 डीक्यू 0509 चार्जिंग पर लगी हुई थी। मनोज पुगलिया के घर पर 15 किलोवाट का स्वीकृत लोड था। एसी, पंखे और फ्रिज की खपत के बाद जैसे ही कार चार्जिंग शुरू होती थी, कुल विद्युत लोड दो किलोवाट से बढ़कर नौ किलोवाट पहुंच जाता था। बिजली कंपनी का स्मार्ट मीटर यह डेटा हर 15 मिनट पर कंट्रोल रूम को ऑनलाइन भेजता रहा।
कंपनी ने तीन महीने की खपत का पूरा डेटा खंगाला। मीटर रीडर इंस्ट्रूमेंट यानी एमआरआई से मिनट-टू-मिनट मिलान किया गया। सब कुछ एक ही कहानी कह रहा था। कार रात 11 बजे से तीन बजे तक लगातार चार्जिंग पर रहती थी। उस रात भी यही हुआ। तड़के चार्जिंग के दौरान आटो कट-आफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद सप्लाई फिर शुरू हो गई। और फिर जोरदार ब्लास्ट हुआ।
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शनिवार को कार कंपनी की ओर से ईवी विशेषज्ञ भी घटनास्थल पर पहुंचे। विशेषज्ञों ने घंटों तक छानबीन की और कार के जले हुए कल पुर्जे तक देखे। इलेक्ट्रिक बोर्ड, स्विच, वायरिंग को देखा गया। कार में एक मेटल का पाइप मिला जो अलग से रखा गया था। पिछला पहिया देखने पर ब्लास्ट की ओर इशारा कर रहा था। शेष अलाय व्हील सुरक्षित थे। विशेषज्ञों ने कार की वायरिंग से लेकर सीट का निचला हिस्सा तक देखा है।