इंदौर आग हादसे में बिजली कंपनी का पलटवार... 'खंभे से नहीं लगी आग, वीडियो और डेटा दे रहे गवाही'
ब्रजेश्वरी एनेक्स में हुए भीषण अग्निकांड में बचे सौरभ पुगलिया के बयान को बिजली कंपनी ने खारिज कर दिया है। सौरभ ने गुरुवार को कहा था कि उनके घर में आग ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 19 Mar 2026 10:45:05 PM (IST)Updated Date: Thu, 19 Mar 2026 11:03:47 PM (IST)
इंदौर अग्निकांड में बिजली कंपनी का पलटवारHighLights
- आग लगने के दौरान खंभा और केबल पूरी तरह सुरक्षित थे
- 14 किलोवाट स्वीकृत लोड में से केवल 8 किलोवाट ही था उपयोग
- बिजली कंपनी ने पुगलिया का दावा गलत बताया
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ब्रजेश्वरी एनेक्स में हुए भीषण अग्निकांड में बचे सौरभ पुगलिया के बयान को बिजली कंपनी ने खारिज कर दिया है। सौरभ ने गुरुवार को कहा था कि उनके घर में आग इलेक्ट्रिक कार से नहीं बल्कि बिजली के खंभे से हुई स्पार्किंग से लगी है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने कहा है कि बिजली लाइन में आग लगने से पहले किसी तरह का फॉल्ट ही नहीं हुआ। कंपनी के इंजीनियरों ने अपनी बात के समर्थन में आग लगने के शुरुआती वीडियो जारी किए हैं। साथ ही कंपनी की ओर से ट्रांसफार्मर (डीटीआर) व सर्वर व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच रिपोर्ट भी शुक्रवार को जारी की जाएगी।
तकनीकी जांच और शुरुआती वीडियो का हवाला
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, घटना वाली रात मौके पर क्षेत्रीय बिजली कंपनी के अधिकारी पहुंचे थे। इस दौरान एहतियातन पुगलिया परिवार के घर वाली गली की बिजली काटी गई। साथ ही बुधवार सुबह से गुरुवार दोपहर तक लगातार तकनीकी जांच भी की गई। बिजली इंजीनियरों के अनुसार, एक वीडियो जो आग लगने के शुरुआती दौर का है, उसमें साफ दिख रहा है कि नीचे खड़ा वाहन जल रहा है, जबकि बिजली का खंभा और केबल सुरक्षित है। इस वीडियो के साथ अन्य तकनीकी सबूत भी मिले हैं, जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि जब आग फैली और ऊपर की ओर बढ़ी, तब बिजली खंभे व केबल तक पहुंची।
स्मार्ट मीटर और सर्वर डेटा से खुलासे
बिजली कंपनी के ऑनलाइन सर्वर से क्षेत्र का ट्रांसफार्मर जुड़ा है। साथ ही पुगलिया परिवार के घर स्मार्ट मीटर भी लगा था, जिससे बिजली प्रदाय का सारा डेटा भी सीधे बिजली कंपनी के सर्वर में दर्ज हुआ है। ठोस तथ्य है कि यदि खंभे से शॉर्ट सर्किट होता, तो उस ट्रांसफार्मर का फेज भी उड़ जाता जहाँ से इस गली में बिजली आपूर्ति होती है। जांच में सामने आया है कि ट्रांसफार्मर बिल्कुल सही था। इसलिए मौके पर हमने उस गली की बिजली काटी और शेष हिस्से में आपूर्ति जारी रखी।
प्रभावित घर के मीटर में भी 8 किलो वाट की खपत दर्ज हुई है, जबकि उनका स्वीकृत लोड 14 किलो वाट था। यानी लोड बढ़ने की भी आशंका नहीं है। ट्रांसफार्मर ऑनलाइन सर्वर से जुड़ा है और पल-पल का डेटा संग्रहित है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि आग बिजली लाइन या खंभे से नहीं लगी। - डी. के. तिवारी, कार्यपालन यंत्री, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी