
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश में पांच विशेष रीजनल मेडिकल हब तैयार किए जाना है। इंदौर-उज्जैन मेडिकल कॉरिडोर को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। संभागायुक्त सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आयाेजित इस बैठक में मेडिकल विशेषज्ञों, अस्पताल प्रबंधकों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों तथा विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने भाग लेकर अपने सुझाव दिए। इंदौर में विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में बढ़ावा देकर तैयार होगा मेडिकल टूरिज्म व वैलनेस हब।
संभागायुक्त कार्यालय में इंदौर-उज्जैन मेडिकल कारिडोर योजना पर चर्चा हुई। इस महत्वाकांक्षी योजना को क्वालिटी आफ केयर एंड क्रेडिबिलिटी” के आधार पर विकसित करने पर जोर दिया गया। संभागायुक्त डा खाड़े ने कहा कि शासन को प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने से पहले इसकी दीर्घकालिक और अल्पकालिक रणनीति पर ठोस तैयारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से मेडिकल और वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, ऐसे में इंदौर-उज्जैन कारिडोर को अन्य शहरों से अलग और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर फोकस करना होगा।
बैठक में वर्तमान में संचालित अस्पतालों की विशेषज्ञ सेवाओं और पैकेजों पर विस्तार से चर्चा की गई। योजना के प्रथम चरण में विभिन्न अस्पतालों द्वारा दिए जा रहे उपचारों और पैकेजों की सूची तैयार की जाएगी। इसके आधार पर अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स को एकीकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए विशेष पोर्टल तैयार करने तथा एसओपी बनाने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी और हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी सहमति बनी। संभागायुक्त ने बताया कि एक ओर उज्जैन का प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग और दूसरी ओर आेंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग स्थित है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इंदौर में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं, बड़े अस्पताल समूह, एयर एम्बुलेंस सुविधा, बेहतर हवाई और रेलवे कनेक्टिविटी, होटल तथा पर्यटन स्थलों की उपलब्धता इस परियोजना को मजबूती प्रदान करेगी। बैठक में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति, सीएमएचओ डा माधव प्रसाद हासानी, एसोसिएशन आफ टूरिज्म के चेयरमैन हेमेन्द्र सिंह जादौन और अस्पताल प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इंदौर-उज्जैन बनेगा ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब, इलाज के साथ आध्यात्म और वेलनेस का अनोखा संगम