Indore Metro: सभी अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन में सबसे ‘छोटा‘ होगा छोटा गणपति स्टेशन
इंदौर में चल रहे अंडर ग्राउंड मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में सबसे छोटा स्टेशन छोटा गणपति मंदिर के पास बनेगा। न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (नेटम) के तहत जमीन क ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 12:09:20 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 12:15:43 PM (IST)
छोटा गणपति, मल्हारगंज थाने के समीप प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन से हरियाली भी खत्म होगी। फोटो - प्रफुल्ल चौरसिया आशुHighLights
- न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड से की जाएगी खोदाई
- इस क्षेत्र में बने गार्डन वाले हिस्से पर ही खोदाई की जाएगी
- इससे मकानों को तोड़ने की जरूरत नही होगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मेट्रो परियोजना के अंडर ग्राउंड प्रोजेक्ट में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन पर बनी उलझन अब खत्म होने को है। मेट्रो के अंडर ग्राउंड अन्य स्टेशन के मुकाबले छोटा गणपति का स्टेशन सबसे छोटा होगा। मेट्रो प्रबंधन द्वारा छोटा गणपति स्टेशन निर्माण के लिए जो मृदा परीक्षण रिपोर्ट तैयार की है। उसमें बताया है कि यहां पर न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (नेटम) के माध्यम से खोदाई की जाएगी।
इस प्रक्रिया में जमीन की सतह से 37 से 38 मीटर नीचे मेट्रो स्टेशन का निर्माण होगा। जबकि शहर में मेट्रो के अंडर ग्राउंड स्टेशन जमीन से 18 से 22 मीटर गहराई में बनाए जा रहे है। ऐसे में यह मेट्रो स्टेशन सबसे छोटा और सबसे ज्यादा गहराई में होगा।
गार्डन के हिस्से में होगी खोदाई तो नहीं टूटेंगे मकान
पूर्व में कट एंड कवर तकनीक के माध्यम से छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाना था। यह अंडर ग्राउंड स्टेशन एमजी रोड के समानांतर मल्हारगंज थाने के पास 190 मीटर की लंबाई में बनाना तय किया था। ऐसे में 142 मकान टूट रहे थे। सर्वे रिपोर्ट के बाद न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड से इसका निर्माण किया जाना तय किया है।
ऐसे में एमजी रोड के समानांतर 146 मीटर लंबाई में स्टेशन बनाया जा सकेगा। इससे मकानों को तोड़ने की जरूरत नही होगी। सिर्फ इस क्षेत्र में बने गार्डन वाले हिस्से पर ही खोदाई की जाएगी। जमीन के नीचे स्टेशन का विस्तार किया जाएगा। इस प्रक्रिया से निर्माण एजेंसी को 25 से 30 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना होंगे।
निर्माण किस तकनीक से होगा, इस पर लेंगे फैसला
छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। इस स्टेशन का निर्माण किस तकनीक से होगा। इस पर मंथन चल रहा है। - एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी, मप्र मेट्रो