
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) एक बार फिर पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, लेकिनविषयवार रिक्त सीटें के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसे लेकर विश्वविद्यालय ने अगले सप्ताह गूगल फार्म भरने की प्रक्रिया रखी है। जहां पंजीकृत पीएचडी गाइड को शोधार्थियों और खाली सीटों के बारे में बताना है। फार्म में गाइड को यह भी जानकारी देना है कि उनके अधीन किन विषयों पर शोध कार्य चल रहे है। गाइड से आठ से दस बिंदुओं पर ब्यौरा मांगा जाएंगा। बकायदा पांच से सात दिन का समय रखा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक 11 मई से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें डीईटी (डाक्टरल एंट्रेंस टेस्ट) और नान-डीईटी दोनों श्रेणियों के विद्यार्थी पंजीयन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क एक हजार से डेढ़ हजार रुपये तक रखा गया है। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले विश्वविद्यालय सीटों और गाइड की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना चाहता है। इसके लिए सभी पंजीकृत पीएचडी गाइड्स को गूगल फार्म भरना होगा।
इस फार्म में गाइड्स से करीब आठ से दस महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी जाएंगी। उन्हें बताना होगा कि उनके अधीन वर्तमान में कितने शोधार्थी पंजीकृत हैं, किन विषयों पर रिसर्च कार्य चल रहा है और उनके पास कितनी सीटें खाली हैं। विश्वविद्यालय ने यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए पांच से सात दिन का समय तय किया है।
दरअसल कई विभागों में गाइड उपलब्ध नहीं होने की वजह से इस बार 11 विषयों में पीएचडी प्रवेश फिलहाल रोक दिया गया है। इनमें संस्कृत, उर्दू, राजनीति विज्ञान, म्यूजिक, मराठी, इतिहास, भूगोल, डांस, डाटा साइंस, एनर्जी और स्टेटिस्टिक्स जैसे विषय शामिल हैं।
विश्वविद्यालय का कहना है कि यदि इन विषयों में बाद में योग्य गाइड उपलब्ध हो जाते हैं तो अलग प्रक्रिया के जरिए प्रवेश शुरू किया जा सकता है। पीएचडी सेल प्रभारी डा अशेष तिवारी ने बताया कि गूगल फॉर्म के माध्यम से सभी गाइड्स की अद्यतन जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद ही विषयवार खाली सीटों की सूची विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। विद्यार्थियों को स्पष्ट जानकारी मिल सके और उन्हें प्रवेश के दौरान परेशानी न हो।
डीएवीवी इंदौर : गाइड उपलब्ध नहीं होने से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया से हटाए गए 11 सब्जेक्ट