
मुकेश मंगल, नईदुनिया, इंदौर। कमिश्नोरेट पुलिस ने सोमवार तड़के 'सीक्रेट' ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इसके तहत लेडी ड्रग्स माफिया और पुलिसकर्मी सहित कईं लोगों को पकड़ा गया है। ऑपरेशन की कमान खुद पुलिस कमिश्नर संतोष कुमारसिंह के हाथ में थी और क्राइम ब्रांच व छह थानों की टीम छापे मार कार्रवाई कर रही थी। आरोपितों से संभवत: ड्रग्स के बारे में पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच की टीम ने सबसे पहले द्वारकापुरी थाना अंतर्गत रहने वाली अलका दीक्षित को हिरासत में लिया। उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की गई। इसके बाद दूसरी टीम को अलर्ट किया और अलका के बेटे जयदीप को भी अहिरखेड़ी से हिरासत में ले लिया गया। जयदीप से पूछताछ चल ही रही थी कि एमजी रोड़ टीआई विजयसिंह सिसोदिया ने प्रधान आरक्षक विनोद के घर छापा मार दिया।
विनोद लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहा है और फिलहाल इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ है। उसके स्वजन ने कार्रवाई का विरोध भी किया था। टीआई ने विनोद के बेटे का लेपटाप और मोबाइल भी जब्त कर लिया। बड़ी बात तो यह कि सभी से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की गई। पुलिस आयुक्त संतोष कुमारसिंह और एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश कुमारसिंह पल पल का अपडेट ले रहे थे।
छापा मारने वाली टीम को किसी से पूछताछ करने की इजाजत नहीं थी। इसकी जिम्मेदारी डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी को सौंपी गई थी। रात में ही एक टीम को पीथमपुर भी भेजा गया और ड्रग्स के कारोबार में शामिल कुछ लोगों को पकड़ा गया। उनसे खजराना थाना में पूछताछ की व्यवस्था की गई।
अहिरखेड़ी में रहने वाली अलका अवैध शराब का कारोबार है। कईं थाना प्रभारी पदस्थ हुए पर अलका का साम्राज्य जारी रहा। इसकी आड़ में वह अनैतिक गतिविधियां और ड्रग्स के कारोबार में भी उतरी। अलका का बेटा जयदीप भी उसकी मदद करने लगा। कुछ समय पूर्व जयदीप को द्वारकापुरी पुलिस ने जानलेवा हमला करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया था।
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