
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का असर दिखने लगी है। उत्तरी दिशा से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मालवा का मौसम अचानक बदल दिया। इस सर्दी के मौसम में पहले भी तापमान कई बार 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया, लेकिन तब ठंड का ज्यादा असर महसूस नहीं हुआ था। अब सीजन के करीब ढाई महीने बीत जाने के बाद पहली बार लोगों को असली ठंड का एहसास हुआ है।
शनिवार देर शाम से ही ठंडी हवाएं चलना शुरू हो गई थीं, जिससे रात में ठिठुरन बढ़ गई। रविवार को इसका असर और ज्यादा दिखाई दिया। सुबह से लेकर शाम तक शहर घने कोहरे और धुंध के आगोश में रहा।
करीब छह घंटे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता घटकर एक हजार मीटर से भी कम हो गई। सुबह छह बजे के आसपास तो दृश्यता मात्र 200 मीटर तक रह गई थी। कोहरे के कारण सूरज भी पूरे दिन नजर नहीं आया और आसमान में बादल छाए रहे।
धूप नहीं निकलने की वजह से ठंड का असर और बढ़ गया। लोग सुबह से ही घरों में दुबके रहे और सड़कों पर आवाजाही भी कम दिखाई दी। दिनभर उत्तर-पूर्वी दिशा से 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलती रहीं। कोहरे की वजह से वाहन चालकों को दिन में भी गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा।
शनिवार की तुलना में रविवार को दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा रहा। सुबह जैसी ठंड थी। वैसी ही ठंड शाम के समय भी बनी रही।
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक इंदौर और आसपास के इलाकों में सोमवार को भी घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। बादलों के कारण धूप निकलने के आसार कम हैं।
दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात का तापमान गिर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव आया है। राजस्थान के कई जिलों में हुई हल्की बारिश का असर भी मालवा क्षेत्र में बादलों और ठंड के रूप में देखने को मिल रहा है।