
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मेजर हमजा आरिफ के माता-पिता जवान बेटे को खोने का दर्द बयां नहीं कर पा रहे हैं। एक माह पहले ही जिस बेटे की धूमधाम से शादी हुई थी, आज वह उनसे जुदा हो गया है, अब अगर उनके पास कुछ है तो बस अपने उस होनहार बेटे की यादें हैं। जान-पहचान वालों का कहना है कि कोई कुछ समझ नहीं पा रहा है कि यह क्यों हो गया।
जैसलमेर राजस्थान में दुर्घटना में गंभीर घायल होने के बाद इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र में रहने वाले मेजर हमजा आरिफ की मौत हो गई थी। शव को परिजन शनिवार देर रात महू के मिलिट्री अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां शव को मॉर्च्युरी में रखा गया है। उनका विवाह एक माह पूर्व ही हुआ था। परिवार में माता-पिता और तीन बहनें हैं। इस घटना से परिवार ही नहीं जहां परिवार रहता था वहां भी मातम छाया हुआ है।
शव की रविवार सुबह महू से इंदौर के सैफी नगर में सुबह नौ बजे जनाजे की नमाज होगी। समाज के मीडिया प्रभारी मज़हर हुसैन सेठजी वाला एवं सदस्य बुरहानुद्दीन शकरुवाला ने बताया कि इसके बाद पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से सैफी नगर से निकलकर माणिकबाग पुल से कलेक्टर चौराहा, राजबाड़ा होता हुआ सदर बाजार रोड स्थित इमली बाजार कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। यहां राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्दे खाक किया जाएगा।
31 वर्षीय मेजर हमज़ा आरिफ की गुरुवार की रात राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वे अपने साथी सैन्य कर्मियों के साथ सेना के वाहन से ड्यूटी से वापस आ रहे थे। इस दौरान उनका वाहन सड़क से गुजर रहे ऊंट से टकरा कर पलट गया। वे विगत 9 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। उनके पिता आरआर कैट से सेवानिवृत्त होकर राजेंद्र नगर क्षेत्र में निवास कर रहे थे।