
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर के लोगों को प्रकृति, शांति और अध्यात्म से जोड़ने के उद्देश्य से इंदौर वन मंडल अब देवगुराड़िया-दतुनी पहाड़ी के बाद बोहरा कॉलोनी के नजदीक तीसरा नगर वन विकसित करने जा रहा है। इसका प्रस्ताव को वन विभाग मुख्यालय ने मंजूर कर दिया है।
पहले चरण में विभाग को 35 हेक्टेयर में पर्यटको के लिए सुविधाएं जुटना होगी। इसके लिए इको-टूरिज्म ने 1 करोड़ 35 लाख का बजट दिया है। यह परियोजना केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगी। बल्कि यहां लोगों को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और मानसिक शांति का अनुभव भी मिलेगा।
बिजासन रमणा क्षेत्र में आने वाली 100 एकड़ वनभूमि है, जिसमे कुछ दिन पहले नगर निगम और वन विभाग ने पौधे लगाए थे। इसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने वन विभाग के अफसरों से चर्चा कर नगर वन बनाने पर जोर दिया। इसमें नगर निगम और वन विभाग अपने स्तर पर काम करेंगे।
इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ऐसे हरित स्थल बनाना है, जहां लोग प्रकृति के करीब आ सकें और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझ सकें। इसके अंतर्गत स्थानीय, औषधीय और धार्मिक महत्व वाले पौधों का रोपण कर छोटे-छोटे वन विकसित किए जाते हैं, जिससे शुद्ध हवा, शांत वातावरण और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।
डीएफओ लाल सुधाकर सिंह के मुताबिक नगर वन को शहर से दूर शांति और आत्मिक सुकून देने वाले स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पैगोडा, ध्यान और योग मंच बनाए जाएंगे। वहीं प्राकृतिक शैली के वाकिंग ट्रैक, लकड़ी-बांस से बने बैठने के स्थान, पारंपरिक झोपड़ियां, सूचना केंद्र और छायादार विश्राम स्थल भी होंगे।
रेंजर संगीता ठाकुर का कहना है कि यहा पहले से एक तालाब बना है। उससे व्यवस्थित किया जाएगा। ताकि पानी पर पर्यटक बोटिंग कर सके। बोट क्लब के रूप में जगह को विकसित करेंगे। वे बताती है कि नगर वन में कई सुविधाए रहेगी, जिसमे ध्यान और योग मंच, प्राकृतिक शैली के वॉकिंग ट्रैक, लकड़ी और बांस से बने बैठने के स्थान, पारंपरिक भारतीय झोपड़ियाँ, छोटा जलस्रोत, प्रवेश द्वार, सूचना केंद्र और छायादार विश्राम स्थल शामिल हैं।
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