
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शनिवार शाम गायक करण औजला के कंसर्ट के बाद रविवार सुबह बकाया मनोरंजन कर वसूली के लिए निगम की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मौके से तीन ट्रक सामग्री जब्त कर ली। निगम की कार्रवाई से हड़बड़ाए आयोजकों की नींद खुली और उन्होंने निगम अधिकारियों के सामने टिकट बिक्री का हिसाब रखा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए सात करोड़ 70 लाख रुपये के टिकट बिके थे। इसमें जीएसटी और प्लेटफॉर्म फीस आदि कम करने के बाद 5 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि बची है।
निगम के अधिकारियों ने टैक्स की गणना करने के बाद बताया कि कुल 57 लाख 50 हजार रुपये मनोरंजन कर जमा कराना होगा। आयोजक पहले ही 27 लाख 70 हजार रुपये जमा करा चुके थे। रविवार को उन्होंने मनोरंजन कर की शेष राशि जमा करा दी। महापौर ने इस बारे में कहा कि इस कार्रवाई से आयोजकों को संदेश जाएगा और वे भविष्य में विधिवत अनुमतियां लेकर और राशि का भुगतान करने के बाद ही आयोजन करेंगे।
यह म्यूजिक कंसर्ट बायपास स्थित एक मैदान में हुआ था। आयोजन की तैयारी काफी पहले से चल रही थी। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर टिकट भी बेचे जा रहे थे, लेकिन निगम ने मनोरंजन कर वसूली को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। मामला मीडिया में आने के बाद निगम ने ताबड़तोड़ आयोजकों को नोटिस जारी किए। इसके बाद आयोजकों ने पहले 7 लाख 70 हजार रुपये और शनिवार दोपहर बाद 20 लाख रुपये इस तरह कुल 27 लाख 70 हजार रुपये मनोरंजन कर के रूप में निगम के खाते में जमा कराए थे।
आयोजन के टिकट काफी महंगे थे और बड़ी संख्या में बेचे गए थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा था कि मनोरंजन कर की राशि 27 लाख 70 हजार रुपये से कहीं ज्यादा है। रविवार सुबह निगम की टीम आयोजन स्थल पर पहुंची और तीन ट्रक सामग्री जब्त कर ली। इसके कुछ देर बाद ही आयोजक अधिकारियों से मिलने पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आयोजन के टिकट 7 करोड़ 70 लाख रुपये के बिके थे।
नगर निगम सीमा क्षेत्र में इस तरह का व्यवसायिक आयोजन होने पर नगर निगम कुल टिकट बिक्री का दस प्रतिशत मनोरंजन कर के रूप में वसूलता है। नियमानुसार आयोजकों को कार्यक्रम से पूर्व अनुमान के आधार पर राशि जमा कराना होती है। कार्यक्रम के बाद टिकट बिक्री का हिसाब देखने के बाद वास्तविक गणना की जाती है।
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हम चाहते हैं इंदौर में अच्छे आयोजन हों, लेकिन आयोजकों को मनोरंजन कर तो जमा कराना होगा। निगम की कार्रवाई से आयोजकों तक यह संदेश जाएगा और भविष्य में वे विधिवत अनुमतियां लेकर और कर जमा करके आयोजन करेंगे।- पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
आयोजकों ने सिर्फ 27.70 लाख रुपये जमा कराए थे। रविवार को उन्होंने टिकट बिक्री का हिसाब पेश किया। इसके बाद मनोरंजन कर की गणना कर उन्हें बताया कि 57.5 लाख रुपये मनोरंजन कर बना रहा है। आयोजकों ने मनोरंजन कर की शेष राशि जमा करा दी है।- आकाश सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम इंदौर