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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नेग की आड़ में किन्नरों की अवैध वसूली की घटना सामने आई है। किन्नरों के एक समूह ने इस बार अस्पताल संचालक के परिवार को टारगेट बनाया है। करीब दो घंटे तक किन्नरों ने दहशतगर्दी मचाई और अश्लील हरकतें कर महिलाओं से 81 हजार रुपये ले लिए। किन्नर 5 लाख रुपये की मांग पर अड़े थे। घटना की इंटरनेट मीडिया पर खूब निंदा हो रही है। घटना महालक्ष्मीनगर स्थित ए-सेक्टर की है। डॉ. आशीष चौहान ने लसूड़िया थाना में शिकायत की है। आशीष का धार में अस्पताल है।
22 मार्च को उनके नए मकान का उद्घाटन हुआ था। दूसरे दिन 15 से ज्यादा किन्नरों के समूह ने नेग मांगने के लिए दस्तक दी और 5 लाख रुपयों की मांग की। घर में उस वक्त भाई विनीत चौहान, बहू ख्याति और मां शिवकांता मौजूद थीं। किन्नरों ने नेग में पांच लाख रुपये मांगे और हंगामा करने लगे। किन्नर घर के अंदर घुस गए और हंगामा करने लगे। तालियां बजाईं और अश्लील हरकतें कीं। महिलाएं घबरा गईं और डॉक्टर को कॉल कर घटना बताई। करीब दो घंटे तक किन्नर घर में ही मौजूद रहे और 81 हजार देने पर निकले।
इस दौरान डॉक्टर ने डायल-112 पर कॉल लगाकर पुलिसकर्मियों को भी बुलाया। एफआरवी वाहन मौके पर आया, मगर पुलिसकर्मी भी किन्नरों के पक्ष में खड़े होकर 51 हजार देने का बोले। उन्होंने परिवार की मदद नहीं की। डॉक्टर के अनुसार, पुलिसकर्मी दलाल की भूमिका में थे। उन्होंने कहा कि किन्नरों को नेग तो देना होगा। उन्होंने किन्नरों को घर से बाहर नहीं निकाला। परेशान होकर डॉक्टर ने परिचित के खाते में ऑनलाइन रुपये जमा करवाए और कैश कर किन्नरों से पीछा छुड़वाया।
मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर मैसेज बहुप्रसारित होने पर टीआई तारेश सोनी ने कॉल कर डॉक्टर को रिपोर्ट लिखवाने के लिए थाने पर बुलाया। एक सप्ताह में किन्नरों द्वारा अवैध वसूली करने की यह दूसरी घटना हुई है। 26 मार्च को किन्नर तुलसीनगर (ए-सेक्टर) में रहने वाले बैंक मैनेजर आशीष दुबे के घर में भी नेग के लिए हंगामा कर चुके हैं। इस घटना को लेकर वार्ड क्रमांक 36 और 37 के रहवासियों ने बैठक आयोजित की थी।
वसूली करने वाले किन्नर नंदलालपुरा के बताए गए हैं। किन्नर गुरु ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया और हंगामा करने वाले किन्नर से क्षेत्र में नेग वसूलने का काम वापस ले लिया। पुलिस अब इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।