
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मंगलवार सुबह छावनी अनाज मंडी में विरोध और हंगामे के बीच व्यापार बंद हो गया। पहले व्यापारियों ने नो एंट्री के विरोध में गेट बंद किया। उपज बेचने के लिए आए किसान परेशान हुए तो उन्होंने भी विरोध शुरू कर दिया। बाद में मंडी सचिव मौके पर पहुंचे तो खुद भी धरने पर बैठे किसानों के साथ गेट पर बैठ गए। दो घंटे चले हंगामे के बाद एसडीएम मंडी पहुंचे। चर्चा हुई और ढाई घंटे बाद आश्वासन पर फिर से कारोबार शुरू हुआ।
सुबह 9 बजे मंडी का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। व्यापारी प्रशासन के नो एंट्री के आदेश का विरोध कर रहे थे। दरअसल, बीते दिनों से मंडी में आवक बढ़ रही है, लेकिन नो-एंट्री के चलते ट्रक मंडी में आ नहीं रहे, ऐसे में व्यापारियों को बीते दिनों में खरीदा गया अपना माल मंडी से बाहर निकालने का समय नहीं मिल रहा।
व्यापारियों ने कहा कि जब माल बाहर गोदामों में भेज नहीं पा रहे तो नया माल कहां खरीदेंगे। ऐसे व्यापार नहीं चल सकता, ऐसे में हम व्यापार बंद ही कर दें। व्यापारियों ने गेट बंद किया तो उपज बेचने बड़ी संख्या में आए किसान भी बिफर गए। किसानों ने कहा कि व्यापारी उन्हें परेशान कर रहे हैं; यदि मंडी बंद रखना थी तो पहले सूचना देना थी, हम माल लेकर यहां आए और अब परेशान हो रहे हैं। मौके पर मंडी सचिव ओम खेड़े पहुंचे तो वे नारेबाजी करते किसानों के साथ जमीन पर बैठ गए। इस पर व्यापारियों ने कह दिया कि सचिव भी धरने पर हैं। हालांकि, सचिव ने कहा कि किसानों से चर्चा करने के लिए वे उनके साथ बैठे थे।
बाद में सचिव ने कहा कि यदि व्यापारी इस तरह अचानक व्यवधान पैदा करेंगे तो मंडी प्रशासन उन सभी के व्यापारिक लाइसेंस व ऑनलाइन आईडी भी बंद कर रहा है। हंगामा बढ़ने लगा, थोड़ी देर बाद एसडीएम घनश्याम धनकर मंडी में पहुंचे। व्यापारियों ने कहा कि 12 से सिर्फ 5 बजे तक मंडी में गाड़ियों को आने की छूट दी जाती है। इसके बाद सिर्फ रात दस बजे बाद गाड़ियां आ सकती हैं। दिन में किसानों की गाड़ियां आती हैं, उनका माल खरीदने के बाद उसे बाहर कैसे भेजा जाए? रात 10 बजे बाद माल चढ़ाने-उतारने के लिए हम्माल नहीं मिलते। व्यापारी भी 24 घंटे दुकान खुली रख काम तो नहीं कर सकता। व्यापारियों ने कलेक्टर से मिलने की मांग रखी।
व्यापारी संघ के सचिव राजेश अग्रवाल ने कुछ वीडियो भी दिखाए और कहा कि नो एंट्री के मामले में भी मनमानी ऐसी कि 5 बजे एंट्री बंद होना चाहिए, लेकिन तीन बजे तो पुलिस बैरिकेडिंग कर एंट्री बंद करने लगती है। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि मामले पर कलेक्टर व वरिष्ठ अधिकारियों से आपकी चर्चा करवा दी जाएगी और तीन दिनों में इस मामले का हल निकाला जाएगा। व्यापारियों ने मांग रखी कि दो साल से मंडी का एक गेट बंद कर रखा है, उसे भी खोला जाना चाहिए। मंडी सचिव ओम खेड़े ने कहा कि व्यापारियों ने मांग पत्र तो पहले दिए थे, लेकिन ये सूचना नहीं दी कि 17 मार्च को मंडी बंद करेंगे। अचानक ऐसा करना ठीक नहीं है, इसलिए हमने व्यापारियों के आईडी बंद किए थे। हालांकि बाद में चर्चा हो गई और व्यापार शुरू करवा दिया गया।
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