MGM मेडिकल कॉलेज में बिना पुलिस वैरिफिकेशन के काम कर रहे कर्मचारी, दागी को जिम्मेदारी सौंपने पर मचा हड़कंप
इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था अपराधियों के हाथों में दे दी गई है। बिना पुलिस वैरिफिकेशन के ही यहां कर ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 14 Mar 2026 06:55:26 AM (IST)Updated Date: Sat, 14 Mar 2026 06:57:50 AM (IST)
अपराधियों के भरोसे एमजीएम मेडिकल कॉलेजHighLights
- अपराधियों के भरोसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज
- बिना पुलिस वैरिफिकेशन के दागी को सौंपी जिम्मेदारी
- अवैध हथियार रखने वाला निकला सिक्योरिटी इंचार्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था अपराधियों के हाथों में दे दी गई है। बिना पुलिस वैरिफिकेशन के ही यहां कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। महिलाओं के एमटीएच अस्पताल के सिक्योरिटी इंचार्ज की जिम्मेदारी विवेक जायसवाल को दे दी गई है।
इसपर बाणगंगा, एरोड्रम और बड़वाह थाने में तीन अलग-अलग मामलों में प्रकरण दर्ज है। मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी वीबीजी कंपनी के पास है। इसके खिलाफ बाणगंगा थाने में शराब तस्करी, एरोड्रम थाने में अवैध हथियार रखने और बड़वाह थाने में एक्सीडेंट का प्रकरण दर्ज है। लेकिन बिना आपराधिक प्रकरणों की जांच किए बगैर ही कंपनी ने जायसवाल को नौकरी पर रख लिया।
कंपनी द्वारा लापरवाही बरतते हुए नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार मौन है। वह कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आते हैं। कंपनी कई मेडिकल कॉलेज से ब्लैकलिस्टेड है, लेकिन इसके बावजूद इसे ही जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अस्पताल में रोजाना आती है 500 से अधिक महिलाएं
एमटीएच अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसी आरापधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को सौंपना गंभीर लापरवाही है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों के नियमों के अनुसार अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में नियुक्त हर सुरक्षा कर्मचारी की पृष्ठभूमि जांच अनिवार्य है। इससे साफ नजर आता है कि बीवीजी कंपनी कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाती है। क्योंकि यदि वेरिफिकेशन होता तो अपराधियों को नियुक्त नहीं किया जाता।
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चार मेडिकल कॉलेज से ब्लैकलिस्टेड है कंपनी
एमजीएम मेडिकल कालेज से जुड़े अस्पतालों में हाउस कीपिंग और सुरक्षा व्यवस्था का अनुबंध हाइट्स लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एचएलएल) के साथ किया था। चूहा कांड के बाद एचएलएल ने पूर्व एजेंसी इजाइल कंपनी से काम वापस लेकर बीवीजी को सौंप दिया था, जबकि बीवीजी कंपनी पहले भी विवादित रही है। इसे साल 2018 में विदिशा, दतिया, शहडोल और 2019 में सागर, ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।