
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। इंदौर-दाहोद रेल लाइन के टीही से धार तक 46 किलोमीटर रेल सेक्शन पर ट्रेन संचालन की दिशा में रेलवे ने तैयारी तेज कर दी है। इस सेक्शन के ट्रैक, इंटरलॉकिंग, सिग्नलिंग और चार रेलवे स्टेशन पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
रेलवे निर्माण विभाग ने इस पूरे सेक्शन के निरीक्षण के लिए कमीशन आफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) को पत्र भेजकर 28 और 29 अक्टूबर की तारीख प्रस्तावित की है। सीआरएस की अनुमति मिलने के बाद इस सेक्शन पर ट्रेन संचालन का रास्ता साफ होगा।
इस सेक्शन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी टीही और पीथमपुर के बीच बनी 2.976 किलोमीटर लंबी रेलवे टनल है। टनल में बैलास्टलेस ट्रैक का काम अब 400 मीटर से भी कम शेष है। इंजीनियरिंग टीम प्रतिदिन करीब 40 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम कर रही है। रेलवे की योजना के अनुसार यह काम अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद शेष तकनीकी कार्यों को पूरा कर सीआरएस निरीक्षण की तैयारी की जाएगी।
टीही की यह टनल करीब 2 हजार 976 मीटर लंबी है और प्रदेश की सबसे बड़ी रेलवे टनल में शामिल है। भूमिगत हिस्से में कंपन कम करने और रेलवे की आवश्यकताओं के अनुसार यहां सामान्य गिट्टी वाले ट्रैक के स्थान पर बैलास्टलेस ट्रैक बनाया जा रहा है। इसमें ट्रैक को सीमेंट-कांक्रीट बेस पर तैयार किया जाता है। टनल में ट्रैक बिछाने के साथ पानी की निकासी के लिए दोनों ओर ड्रेन लाइन, शाटक्रिट, पीसीसी और वायर मेश फिक्सिंग जैसे कार्य भी किए गए हैं।
टनल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर करीब 40 मीटर की दूरी पर हाईडेफिनिन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पूरी टनल में करीब 140 कैमरे प्रस्तावित हैं, जिनका कंट्रोल रूम पीथमपुर में बनाया गया है। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के तहत माइक और स्पीकर लगाए गए हैं। आपात स्थिति में टनल से एसओएस काल के जरिए कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंचाई जा सकेगी।
टनल में किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए एस्केप शाफ्ट बनाए गए हैं। इनमें रेस्क्यू लिफ्ट और आपातकालीन सीढ़ियों की व्यवस्था की गई है। वेंटिलेशन के लिए दोनों छोर पर बड़े एग्जास्ट फैन भी लगाए गए हैं। रेलवे मानकों के अनुसार सुरक्षा के अन्य इंतजाम भी किए गए हैं।
धार से टीही तक के सेक्शन में पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार चार रेलवे स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर निर्माण और अन्य तकनीकी कार्य अंतिम चरण में हैं। धार रेलवे स्टेशन को आकर्षक रूप देने के साथ यहां पेंटिंग के माध्यम से जिले की संस्कृति और प्रमुख विशेषताओं को दर्शाया जाएगा, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को धार की सांस्कृतिक पहचान की जानकारी मिल सके।
इंदौर-दाहोद रेल लाइन का यह हिस्सा लंबे समय से क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व में रेलवे अधिकारियों ने टीही टनल का निरीक्षण कर इसके कार्य को तेजी से पूरा करने की बात कही थी। अब 28 और 29 अक्टूबर को प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण को ट्रेन संचालन शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।