
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेशभर की कृषि उपज मंडियां 23 जून को बंद रखी जाएंगी। प्रदेश में बढ़े हुए मंडी शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने यह घोषणा की है। गुरुवार को इंदौर की छावनी अनाज मंडी में अनाज-तिलहन व्यापारी संघ की विशेष साधारण सभा हुई। बड़े शुल्क पर व्यापारियों की राय जुटाने के एक सूत्री एजेंडे पर यह आपात सभा बुलाई गई थी।
मंडी के प्रमुख कारोबारियों के साथ दाल मिल संचालक भी इसमें शामिल हुए। एक स्वर में व्यापारियों ने प्रदेश स्तर पर विरोध आंदोलन चलाने पर सहमति दी। इस दौरान व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार के इंदौर से जुड़े दोनों कैबिनेट मंत्री भी व्यापारियों के साथ हैं। उन्होंने खुद मंडी शुल्क बढ़ाने पर असहमति जताई है।
गुरुवार को छावनी मंडी में आयोजित हुई व्यापारियों की साधारण सभा में व्यापारियों से सुझाव मांगे गए। व्यापारियों से कहा गया कि जो सुझाव मिलेंगे, उसी आधार पर व्यापारी महासंघ प्रदेश स्तर पर कदम आगे बढ़ाएगा। अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज काला, मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ लक्ष्मीबाई अनाज मंडी व्यापारी एसोसिएशन के सुरेंद्र राठौर के साथ एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल व अन्य व्यापारियों ने कहा कि मंडी शुल्क का विरोध जरूरी है।
कुछ व्यापारियों ने कहा कि हमें तो काफी पहले विरोध शुरू कर देना था। दरअसल गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र जैसे तमाम राज्यों के मुकाबले पहले से ही प्रदेश में मंडी शुल्क ज्यादा था। अब और बढ़ा दिया गया।
सकल अनाज-तिलहन व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री से इस मामले पर चर्चा जारी थी। हमें पहले खबर लगी कि शुल्क बढ़ा रहे हैं तो सरकार में बैठे लोगों ने कहा था कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। इसी बीच अचानक निर्णय हुआ और लागू भी कर दिया गया।
आल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि विरोध करना है तो व्यापारियों को कमर कसना होगा कि मांगें पूरी होने तक वे एकजुट होकर विरोध में शामिल रहें।
व्यापारियों की बैठक में मंच से ही मंडी अधिकारियों की वसूली व रिश्वतखोरी की बात भी उठी। व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकारी अपना पैसा निकालने के लिए शुल्क बढ़वा रहे हैं। इससे किसानों की उपज के दाम घट जाएंगे। अधिकारी रिश्वत ले रहे हैं और हमारे व्यापारी परेशानी से बचने और काम करवाने के लिए चुपचाप पैसे दे आते हैं। इसे छोड़ना होगा। समूह के रूप में खड़े होंगे।
पहले मुख्यमंत्री से मिलेंगे, इसके बाद 23 जून को एक दिन की मंडी हड़ताल होगी। सरकार ने बात नहीं सुनी तो आंदोलन आगे भी चलेगा।
व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तो कहा है कि उन्होंने कैबिनेट में भी शुल्क बढ़ाने का विरोध किया था। वे हमारे साथ खड़े हैं। अन्य पदाधिकारी ने कहा कि मंत्री तुलसी सिलावट ने भी व्यापारियों के समर्थन की बात कही है।