
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन (IMR) का दायरा एक बार फिर बढ़ाने पर सहमति बन गई है। यह पांचवां मौका है जब इसके क्षेत्रफल में विस्तार किया जा रहा है। प्रस्तावित विस्तार के बाद इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का कुल क्षेत्रफल लगभग 16 हजार वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। इसके साथ ही इंदौर देश का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रोपालिटन एरिया बन जाएगा।
क्षेत्रफल के आधार पर अब इंदौर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन के बाद तीसरे स्थान पर होगा। दिल्ली एनसीआर का क्षेत्रफल 55,083 वर्ग किलोमीटर और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन का 27,826 वर्ग किलोमीटर है, जबकि इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का क्षेत्रफल अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर होगा।
पिछले माह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन के 9989.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को बढ़ाकर 14,550 वर्ग किलोमीटर करने पर सहमति बनी थी। अब शाजापुर जिले की शुजालपुर और कालापीपल तहसीलों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है। ये तहसीलें अब तक भोपाल मेट्रोपालिटन एरिया का हिस्सा थीं। इस निर्णय के बाद पूरा शाजापुर जिला इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन में सम्मिलित हो गया है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा नियुक्त कंसल्टेंट ने अभी तक 9989.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के लिए सिचुएशन एनालिसिस और निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की थी। इसके साथ जियो रेफरेंस टैगिंग की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। लेकिन दायरा बढ़ने के बाद अब पूरे 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के अनुसार नई सिरे से यह प्रक्रिया करनी होगी।
पहले तय क्षेत्रफल के लिए कंसल्टेंट को 2.9 करोड़ रुपये का भुगतान तय हुआ था। अब मेट्रोपालिटन रीजन का दायरा बढ़ने के कारण कंसल्टेंट को अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाएगा।
9989.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। अब क्षेत्रफल बढ़ने के बाद नए सिरे से प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें लगभग आठ माह का समय लगने की संभावना है।
इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, पास में उज्जैन महाकाल महालोक है। ऐसे में संपूर्ण शाजापुर जिले के इंदौर से जुड़ने से अधिक लाभ है। हमने पूर्व में ही पूरे जिले को इंदौर उज्जैन मेट्रोपालिटन क्षेत्र से जोड़ने का आग्रह किया था।
-अरुण भीमावद, विधायक शाजापुर