MPPSC: अधिकारी नहीं मिले तो आयोग के गेट पर चस्पा किया ज्ञापन, अभ्यर्थियों का चार दिनों से चल रहा प्रदर्शन खत्म
भर्तियों में देरी और पदों की घटती संख्या से नाराज अभ्यर्थियों का चार दिनों का प्रदर्शन मंगलवार को खत्म हो गया। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 27 Jan 2026 11:05:34 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Jan 2026 11:05:34 PM (IST)
MPPSC: अधिकारी नहीं मिले तो आयोग के गेट पर चस्पा किया ज्ञापन। नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भर्तियों में देरी और पदों की घटती संख्या से नाराज अभ्यर्थियों का चार दिनों का प्रदर्शन मंगलवार को खत्म हो गया। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के बाहर बैठे इन अभ्यर्थियों से आयोग का कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा। मजबूरन इन्होंने आयोग कार्यालय के बाहर ज्ञापन को चस्पा कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगले पंद्रह दिनों में मांगें पूरी नहीं होती हैं तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
अनदेखी से टूटा सब्र, संवाद न होने पर उठाया कदम
हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद अभ्यर्थी 24 जनवरी से आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। उनका कहना है कि उम्मीद थी कि आयोग के अधिकारी बाहर आकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान की दिशा में बात करेंगे, लेकिन लगातार अनदेखी से उनका धैर्य टूटता जा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब संवाद का रास्ता बंद कर दिया जाता है तो मजबूरी में उन्हें इस तरह का कदम उठाना पड़ता है।
भर्तियों की संख्या और पारदर्शिता पर उठाए सवाल
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में भर्तियों की संख्या बढ़ाने, परीक्षा प्रक्रिया को समय पर पूरा करने और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने सहित कई मांग की हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शासन लगातार अभ्यर्थियों की इन मांगों को नजरअंदाज कर रहा है। मांग-पत्र में यह भी बताया गया है कि राज्य सेवा, वन सेवा, सहायक प्राध्यापक, राज्य अभियांत्रिकी सेवा और एडीपीओ जैसी अहम परीक्षाओं में पद लगातार कम किए जा रहे हैं।
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15 दिनों का अल्टीमेटम, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
परीक्षा कैलेंडर में बार-बार बदलाव, साक्षात्कार प्रक्रिया की अस्पष्टता और नतीजों में देरी से युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेंगे।