बोको हराम का खौफ... नाइजीरिया के पुलिस कमिश्नर ने जान बचाने के लिए बेटे को भेजा था इंदौर, अब हुआ डिपोर्ट
इंदौर से पकड़े गए नाइजीरियन युवक डान पेड्रो चार्ल्स को डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया है। वह वीजा खत्म होने के बाद तीन वर्ष से यहां रह रहा था। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 09:56:35 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 Mar 2026 12:16:25 AM (IST)
ये तस्वीर AI से बनाई गई है...नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर से पकड़े गए नाइजीरियन युवक डान पेड्रो चार्ल्स को डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया है। वह वीजा खत्म होने के बाद तीन वर्ष से यहां रह रहा था। पुलिस ने उसे 17 फरवरी 2026 को सुखलिया क्षेत्र से गिरफ्तार किया, वह यहां अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए आया था। डान पेड्रो वर्ष 2019 से इंदौर और आसपास के जिलों में रह रहा था। वर्ष 2023 में उसका वीजा समाप्त हो गया, लेकिन उसने किसी विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी।
आतंकी संगठन बोको हराम के डर से पिता ने भेजा था भारत
बताया जा रहा है आतंकी संगठन बोको हराम के डर से उसके पिता ने उसे भारत भेजा था। युवक के पिता नाइजीरिया के कोर्ट होसकोरच शहर में पुलिस कमिश्नर हैं। बोको हराम आतंकी संगठन के खतरे के कारण उन्होंने अपने बच्चों को अलग-अलग देशों में भेजा था। डान पेड्रो को भारत भेजा गया था, जबकि उसके अन्य भाई पुर्तगाल, यूके और अन्य देशों में रह रहे हैं। पुलिस के मुताबिक चार्ल्स अभी एमआर-3 क्षेत्र स्थित सनसिटी में रह रहा था।
दस्तावेजों की जांच और इमरजेंसी ट्रेवल्स सर्टिफिकेट
हमें सूचना मिली कि क्षेत्र में कोई नाइजीरिया का युवक घूम रहा है। इस पर मौके पर पहुंचकर पूछताछ के दौरान उसके दस्तावेज की जांच की। पासपोर्ट मांगा तो कहने लगा कि गुम हो गया है। पूछताछ में पता चला कि उसका वीजा पहले ही समाप्त हो गया है, लेकिन उसने संबंधित विभाग को जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद अधिकारियों से संपर्क किया। वहां से निर्देश मिलने के बाद नाइजीरियन दूतावास में संपर्क किया। वहां से युवक का इमरजेंसी ट्रेवल्स सर्टिफिकेट जारी करवाया। छह दिन तक थाना पुलिस ने युवक को अपने पास रखा, इसके बाद डिपोर्ट किया।
मंदसौर से बी.फार्मा की पढ़ाई और फर्जी वीजा का मामला
युवक मंदसौर में रहकर बीफार्मा कॉलेज से पढ़ाई कर चुका है। इसके बाद वह इंदौर आया और फिर बीपीओ सेक्टर में काम करने लगा। पूछताछ में युवक ने बताया कि पिता पुलिस कमिश्नर हैं। वहां के आतंकी संगठन के डर के कारण पिता ने सभी भाई-बहनों को अलग-अलग देशों में भेज दिया था। पूछताछ में यह भी बताया कि उसकी इंदौर में दो महिला मित्र हैं, जिन्हें छोड़कर उसे वापस जाना पड़ रहा है। साथ ही बताया कि बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने वीजा बढ़ाने के नाम पर उससे पैसे लिए थे। उसने ऑनलाइन एक पीडीएफ भेजी थी, लेकिन जांच में वह दस्तावेज फर्जी निकला और वीजा की अवधि नहीं बढ़ी।