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इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों की बिगड़ी तबीयत, किचन सील

स्वजन ने आरोप लगाया कि शनिवार को प्राइमरी विंग की मेस में खाना खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। सोमवार सुबह जब अभिभावक शिकायत लेकर स्कूल पहुंच...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 12:33:53 AM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 12:38:56 AM (IST)
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इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों की बिगड़ी तबीयत, किचन सील
फोटो- खाद्य विभाग की टीम किचन में जांच करते हुए।

HighLights

  1. बच्चों के स्वास्थ्य से लापरवाही: किचन में मिले एक्सपायरी डेट के अचार मसाले।
  2. आरोप- आइसक्रीम को फ्रीजर में नहीं की मैंटेन, जिसके कारण बना बैक्‍टीरिया।
  3. स्कूल में स्वजन ने किया हंगामा। खाद्य विभाग की टीम किचन में जांच करते पहुंची।

नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। शहर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में शनिवार को लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई है। डाॅक्टरों ने जांच में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन की समस्या बताई है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने सोमवार सुबह स्कूल कैंपस में जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने पर माता-पिता स्कूल में पहुंचे और उन्होंने हंगामा किया।

खाद्य विभाग की टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए किचन सील करने की कार्रवाई की। जांच के दौरान किचन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। किचन में एक्सपायरी डेट का आचार मसाला, सेव सहित सामग्री मिली है, इनका उपयोग बच्चों के लिए बनाए जा रहे खाने में किया जा रहा था।


जानकारी अनुसार शनिवार से चौथी कक्षा तक के बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद रविवार को योग दिवस पर खाने के बाद तबीयत बिगड़ी, इसी प्रकार सोमवार को भी कई बच्चे बीमार हुए। हालाका मामले में करीब 35 ई-मेल ही अब तक प्रबंधन के पास पहुंचे हैं।

आइसक्रीम में बैक्टेरिया के कारण बच्चे हुए बीमार

प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों के स्वजन को फोन लगाकर जानकारी ली। जिसमें यह पाया गया कि सभी ने आइसक्रीम का सेवन किया था। स्वजन ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों के लिए जो आइसक्रीम आई थी, उसे फ्रीजर में ठीक से नहीं रखा गया। उसे बाहर रखा जिसके कारण पिघल गई थी। इससे उसमें बैक्टरिया बना और बच्चे बीमार होने लगे। यह स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है।

हंगामा करते रहे स्वजन, प्रबंधन ने नहीं दिया ध्यान

स्वजन ने आरोप लगाया कि शनिवार को प्राइमरी विंग की मेस में खाना खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। सोमवार सुबह जब अभिभावक शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो प्रबंधन की ओर से जिम्मेदार अधिकारी बात करने तक नहीं आया। इससे नाराज होकर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाक का घेराव किया और स्कूल की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

23 खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल, जांच के लिए भेजे भोपाल

  • खाद्य विभाग दल द्वारा स्कूल के किचन का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान किचन में उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री जैसे पनीर, आइसक्रीम, छह प्रकार के मसाले, शरबत, राजमा, तेल, नमकीन, चार प्रकार की दाल, दूध, तैयार दाल, तैयार कोफ्ते, कोफ्ते की सब्जी, पके हुए चावल, रोटी और पीने के पानी सहित कुल 23 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
  • इन सभी सैंपलों को परीक्षण के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान स्कूल किचन में एक्सपायरी डेट निकल चुके मसालों के 10 पैकेट और नमकीन के दो पैकेट पाए गए।
  • कलेक्टर शिवम वर्मा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी स्कूल, हास्टल, मेस, कैंटीन अथवा खाद्य प्रतिष्ठान में गंदगी, मिलावट, अस्वच्छ परिस्थितियां, बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार या अन्य खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर अवश्य दें।

प्राचार्य और स्टाफ ने भी वहीं खाना खाया

बच्चों का बीमार होना हमारे लिए भी चिंता का विषय है, लेकिन इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि यह स्कूल के खाने से हुआ। शनिवार को मेस में राजमा, चावल, चवले की सब्जी और अमूल आइसक्रीम परोसी गई थी, यह जून में मैन्युफेक्चर है। यही खाना प्राचार्य और पूरे स्टाफ ने भी खाया था। पेट में इंफेक्शन की शिकायतें खाने के 48 घंटे बाद आनी शुरू हुई हैं। हमारे पास 100-150 बच्चों के बीमार होने की जानकारी आई है, लेकिन प्रबंधन के पास 35 पालकों के शिकायत के ई-मेल प्राप्त हुए हैं। हमें अभी तक यह पता नहीं चला है कि बच्चों को यह समस्या क्यों हुई है।

- ऋचा तिवारी, हेडमिस्ट्रेस