
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : जुलाई में शुरू हुए निगम के अत्याधुनिक पीआईएमएस (प्रॉपर्टी इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल की जांच के बाद अब शहर और आसपास बड़े निर्माणों की वैधता की परतें खुल रही हैं।
पिछले एक साल में हुए 660 बड़े निर्माणों में अब तक 170 की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें चार कॉलोनियां अवैध मिली हैं, जबकि पांच बड़े भवनों के लिए निगम की वैध भवन अनुमति नहीं मिली।
निगम दस्तावेजों की जांच के साथ वैधानिक कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। जांच के दायरे में कॉलोनियों के अलावा बड़े मॉल और व्यावसायिक भवन भी शामिल हैं। पोर्टल पर 2022 के बाद हुए निर्माणों की सैटेलाइट इमेज उपलब्ध हैं।
बीते तीन साल में शहर में 1600 से ज्यादा बड़े निर्माण हुए हैं, जिनकी वैधता की जांच भी आगे बढ़ाई जाएगी। इनके आधार पर भवन अधिकारी जांच कर रहे हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग जनगणना आंकड़ों के लिए सर्वे करा रहा है। निजी एजेंसी जीआईएस मैपिंग के साथ संपत्तियों का सर्वे भी करेगी।
660 बड़े निर्माण निगम के रडार पर
1600+ बड़े निर्माण 3 साल में हुए हैं
170 भवनों की अब तक जांच पूरी
सैटेलाइट से निगरानी: PIMS पोर्टल सैटेलाइट इमेज और जीआईएस तकनीक से नए निर्माणों पर नजर रखता है।
चित्रों की तुलना: पुराने व नए सैटेलाइट फोटो को मिलाकर नए निर्माणों की पहचान की।
लाल निशान: पोर्टल पर लाल रंग में दिखने वाला निर्माण अवैध श्रेणी में माना जाता है।
टीएंडसीपी का ले-आउट: पोर्टल में स्वीकृत ले-आउट जुड़ा है। इससे कॉलोनी के वैध या बिना अनुमति विकसित होने का पता चलता है।
दायरा बढ़ेगा: निगम के अनुसार जांच लगातार बढ़ाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।