
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब कृष्णपुरा छत्री से राजवाड़ा तक कार व बसों के प्रवेश पर भी रोक लगाने पर विचार किया जा रहा है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात पुलिस ने यह सुझाव रखा, जिस पर आने वाले समय में अमल करने की बात कही गई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत इस क्षेत्र में केवल पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि अन्य भारी व चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा।
कलेक्ट्रेट में शनिवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर में यातायात सुधार प्रमुख एजेंडा रहा। तय किया गया कि शहर के सभी अधिकृत (शासकीय और अशासकीय) पार्किंग स्थलों को स्पष्ट रूप से हाईलाइट किया जाएगा, ताकि वाहन चालक आसानी से वहां अपने वाहन पार्क कर सकें। अगले 8 से 10 दिन में यह कार्य पूरा होगा और इसके बाद अन्यंत्र पार्किंग करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही नगर निगम द्वारा जिन भवनों के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा स्वीकृत है, वहां संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराया जाएगा और इन स्थानों पर पार्किंग को अनिवार्य रूप से बहाल किया जाएगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर राजेश कुमार सिंह, डीसीपी आनंद कलादगी तथा प्रकाश परिहार, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, एडीएम रोशन राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में शहर के सात चौराहों पर सुधार पर सहमति भी बनी। टावर चौराहा, नवलखा, महू नाका, अग्रसेन चौराहा, कालानी नगर चौराहा, पलासिया चौराहा और गीता भवन चौराहों पर यातायात व्यवस्था में तकनीकी तथा अधोसंरचनात्मक सुधार कर व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा। मुख्य मार्गों से अतिक्रमण और अन्य बाधाएं हटाने के लिए अभियान प्रारंभ होगा। क्रैन की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। सड़कों पर मार्किंग भी की जाए। निर्देश दिए गए कि बगैर अनुमति के कहीं भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाए।
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने एनएचआई के कार्यों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वहां सुधार के साथ-साथ पर्याप्त संकेतक और लाइटिंग लगाई जाए। भेरूघाट क्षेत्र में जाम की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक स्थान आरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को वहां रोका जा सके। एनएचआई को सभी जरूरी सुधार सात दिनों के भीतर पूरे करने के आदेश दिए गए हैं।
ई-रिक्शा संचालन को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाई गई है। शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है, जिनमें प्रत्येक सेक्टर में 10 से 15 रूट तय होंगे। इन सेक्टरों में कुल 3123 ई-रिक्शा संचालित किए जाएंगे। सभी ई-रिक्शा की कलर-कोडिंग होगी, ताकि वे तय रूट पर ही चलें। किसी रूट पर निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद नए ई-रिक्शा को प्रवेश नहीं मिलेगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि शहर में पहले चिह्नित 16 ब्लैक स्पाट में से पांच पर सुधार कार्य के बाद हादसों में कमी आई है, हालांकि पांच नए ब्लैक स्पाट सामने आए हैं। यह ब्लैक स्पाट एमआर-10 टोल के पास, कनाड़िया ब्रिज के ऊपर बायपास, यूनो बिजनेस पार्क के सामने बायपास रोड, फिनिक्स माल के सामने बायपास, नावदापंथ ब्रिज धार रोड पर सामने आए है। यहां पर नौ दुर्घटनाए हुई और 28 नागरिक मृत हुए। वहीं रिजलाय फाटा धार रोड, बेस्ट प्राईज बायपास, डेक्थनाल बायपास, आइटी पार्क चौराहा, प्रभू तोल कांटे के सामने नेमावर रोड से ब्लैक स्पाट हटाए गए।
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साल - दुर्घटनाएं - मृतक
2023 - 32 - 32
2024 - 39 - 37
2025 - 42 - 45
कुल - 113 - 114
सात सेक्टर के रूट और ई-रिक्शा की जानकारी
सेक्टर - रूट - ई-रिक्शा
सेक्टर-1 - 7 - 151
सेक्टर-2 - 7 - 223
सेक्टर-3 - 8 - 790
सेक्टर-4 - 8 - 351
सेक्टर-5 - 6 - 157
सेक्टर-6 - 7 - 1328
सेक्टर-7 - 8 - 123