सोनिला मिमरोट होंगी इंदौर नगर निगम की नई नेता प्रतिपक्ष, चिंटू चौकसे को हटाया
2022 में नगर निगम के चुनाव के बाद चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया था। दस महीने पहले चौकसे को प्रदेश कांग्रेस ने शहर कांग्रेस की जिम्मेदारी ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 22 Jun 2026 09:47:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 22 Jun 2026 10:11:43 PM (IST)
सोमिला मिमरोट, चिंटू चौकसे।HighLights
- 2022 में नगर निगम चुनाव के बाद चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया था।
- दस महीने पहले चौकसे को प्रदेश कांग्रेस ने शहर कांग्रेस की जिम्मेदारी भी दे दी।
- कांग्रेस में ही आवाज उठने लगी कि एक व्यक्ति को ही तमाम पद दिए जा रहे हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट अब नगर निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष होंगी। पहली बार पार्षद बनी मिमरोट को नगर निगम इंदौर में कांग्रेस पार्षद दल का नेता नियुक्त किया गया है। अब तक नेता प्रतिपक्ष रहे चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया है।
नगर निगम चुनाव में एक वर्ष से कुछ ज्यादा समय ही बचा है। उससे पहले कांग्रेस ने यह अहम बदलाव किया है।एक व्यक्ति एक पद के नियम को बदलाव का आधार बताया जा रहा है। चिंटू चौकसे अब तक नेता प्रतिपक्ष के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी थे। अब वे शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे।
2022 में नगर निगम के चुनाव के बाद चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया था। दस महीने पहले चौकसे को प्रदेश कांग्रेस ने शहर कांग्रेस की जिम्मेदारी भी दे दी। इसके बाद कांग्रेस में ही आवाज उठने लगी कि एक व्यक्ति को ही तमाम पद दिए जा रहे हैं।
मांग लगातार उठ रही थी कि एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले पर अमल किया जाए। बीते महीनों में एक आडियो रिकार्डिंग भी सामने आई। आरोप लगे कि चौकसे ने फोन पर चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को अपशब्द कहे। इसके बाद दिग्विजियसिंह ने भी संगठन प्रभारी को चिट्ठी लिखी थी कि एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले पर अमल किया जाना चाहिए।
सीनियरों को तो छोड़ा
- बीते दिनों से चर्चा थी कि नेता प्रतिपक्ष बदला जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ पार्षद पद के लिए दावेदारी जता रहे थे।
- पूर्व में नेता प्रतिपक्ष रही फौजिया शेख अलीम, विनितिका यादव नेता प्रतिपक्ष रह चुकी है।
- रुबीना इकबाल खान चौथी बार की पार्षद है हालांकि वे और फौजिया वंदे मातरम विवाद में उलझ गई।
- विनितिका यादव तीन बार की पार्षद है और इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही थी।
- कांग्रेस ने फिर से महिला पार्षद को नेता प्रतिपक्ष बनाया लेकिन विनितिका की बजाय पहली बार की पार्षद सोनिला मिमरोट के नाम पर मुहर लगाई।
पार्षद दल की नहीं चली
- नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का आदेश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के हस्ताक्षर से जारी किया गया।
- साथ ही इसमें लिखा गया कि प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अनुमोदन से नेता प्रतिपक्ष की नई नियुक्ति की जा रही है। इस पत्र पर सवाल भी खड़ा हो गया है।
- दरअसल कांग्रेस पार्षद दल को नेता प्रतिपक्ष का चयन करना था। ना पार्षद दल की बैठक हुई ना कि पार्षदों से नाम मांगे गए।
- पत्र में भी पार्षद दल का कोई उल्लेख नहीं करते हुए सीधे संगठन की ओर से नियुक्ति करने का आदेश जारी कर दिया गया।
- बताया जा रहा है कि मिमरोट पटवारी और चौकसे दोनों की पसंद का नाम है। इससे पहले मिमरोट को शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बनाया गया था।