स्टांप घोटाले के आरोपी डॉ. नायडू को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने ट्रांसफर पर लगी रोक हटाई, अब जाना होगा रतलाम
इंदौर में 13.32 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क घोटाला सामने आने के बाद तत्कालीन वरिष्ठ पंजीयक डा. अमरीश नायडू का ट्रांसफर कर दिया गया था। उनके ट्रांसफर प ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 19 Mar 2026 06:48:10 AM (IST)Updated Date: Thu, 19 Mar 2026 06:55:36 AM (IST)
स्टांप घोटाले के आरोपी डॉ. नायडू को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने ट्रांसफर पर लगी रोक हटाईHighLights
- डा. अमरीश नायडू के ट्रांसफर पर लगी रोक हटी
- मामला 13.32 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क घोटाले का
- शासन ने नायडू का ट्रांसफर इंदौर से रतलाम कर दिया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में 13.32 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क घोटाला सामने आने के बाद तत्कालीन वरिष्ठ पंजीयक डा. अमरीश नायडू का ट्रांसफर कर दिया गया था। उनके ट्रांसफर पर लगी रोक हाई कोर्ट ने हटा दी है। कोर्ट ने नायडू की ओर से प्रस्तुत याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व में उनके रतलाम स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी, जिसे अब कोर्ट ने रद कर दिया है।
ईओडब्ल्यू ने वरिष्ठ पंजीयक रहे नायडू, सब रजिस्ट्रार संजय सिंह सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। आरोप था कि डीएलएफ गार्डन सिटी कालोनी के प्लाट की रजिस्ट्री में कालोनी का नाम हटाकर मांगलिया गांव सड़क बताते हुए रजिस्ट्री की गई थी। इससे शासन को 13 करोड़ 32 लाख 95 हजार के स्टांप शुल्क का नुकसान हुआ। शासन ने इस बीच नायडू का ट्रांसफर इंदौर से रतलाम कर दिया था।
डॉ. नायडू ने हाई कोर्ट में दायर की थी याचिका
एफआईआर निरस्त करने की मांग करते हुए नायडू ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने अपने रतलाम ट्रांसफर को भी चुनौती दी थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने नायडू को अंतरिम राहत देते हुए ट्रांसफर आदेश पर रोक लगा दी थी।
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वाणिज्यकर विभाग ने ट्रांसफर पर लगी इस रोक को चुनौती देते हुए तर्क रखा कि नायडू ने जो याचिका दायर की थी उसमें एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई थी। उस याचिका में ट्रांसफर पर रोक लगाने की कोई राहत ही नहीं चाही गई है। ऐसे में उनके ट्रांसफर आदेश पर लगी रोक को हटाया जाए। कोर्ट ने तर्क स्वीकारते हुए डा. नायडू के रतलाम ट्रांसफर पर लगी रोक हटा ली।