
उदय प्रताप सिंह, नईदुनिया (इंदौर)। स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर को अव्वल रहने के लिए इस बार भी 4909 शहरों के साथ 12500 अंकों पर मुकाबला करना होगा। सर्वेक्षण में इस बार 500 अंक जनता के फीडबैक के होंगे। पिछले वर्षो में स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान इंदौर की जनता के सकारात्मक फीडबैक के कारण ही इंदौर अव्वल आया है।
विगत वर्षो में स्वच्छ सर्वेक्षण के पहले इंदौर के 4.5 से 6.5 लाख लोगों ने अपने फीडबैक दिए थे। इसमें 95 से 96 फीसद जनता के सकारात्मक फीडबैक के कारण इंदौर सर्वेक्षण में अव्वल रहा है। वही अभी तक शहर के 24364 लोगों ने ही अपने फीडबैक दिए है। यही वजह है कि 2 मई तक सिटिजन फीडबैक वाले शहरों की रैकिंग में इंदौर अभी 11 वे स्थान पर है। वही उज्जैन सिटीजन फीडबैक रैकिंग में इंदौर से आगे देश में नौंवे स्थान पर है। इंदौर के अलावा प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, रीवा व जबलपुर सहित अन्य शहर के सिटीजन फीडबैक में काफी पीछे है। ऐसे इंदौर सहित प्रदेश के सभी शहरों को अपने सिटीजन फीडबैक की संख्या बढ़ाना होगी।
27 अप्रैल से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए सिटिजन फीडबैक की प्रक्रिया शुरु हुई है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर नगर के 55 हजार लोगों के सही फीडबैक की जरुरत है। बीते पांच दिनों में 24,364 लोगों ने अपना फीडबैक दिया है। फीडबैक की प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी। ऐसे में आगामी दिनों में फीडबैक की संख्या बढ़ाने के लिए नगर निगम को मशक्कत करना होगी। इंदौर में स्वच्छ सर्वेक्षण टीम अगले दो सप्ताह में आने की आने की संभावना है। ऐसे में टीमों द्वारा द्वारा इंदौर का सर्वे किए जाने के बाद भी फीडबैक के प्रक्रिया 31 मई तक जारी रहेगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए किसी भी नगरीय निकाय को अपनी कुल आबादी के 10 प्रतिशत लोगों को फीडबैक लेना अनिवार्य है। यही वजह है इंदौर शहर में 55 हजार लोगों के फीडबैक की दरकार है। नगर निगम को इस माह के अंत तक फीडबैक की संख्या बढ़ाना है। इसके लिए 100 इंटर्न स्टूडेंट्स को मैदान में उतारा गया है। ये माल, शैक्षणिक संस्थान व आइटी पार्क सहित सार्वजनिक व व्यवसायिक प्रतिष्ठानाें पर जनता से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए अपना फीडबैक देने की गुजारिश कर रहे है। इसके अलावा नगर निगम से संबंद्ध एनजीओ के कर्मचारी भी घर-घर जाकर परिवारों से फीडबैक की अपील कर रहे है।

