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इंदौर और धार के 24 मंदिरों का बदलेगा स्वरूप, संभागायुक्त बोले- मूल धार्मिक स्वरूप से न हो कोई छेड़छाड़

संभागायुक्त ने सभी मंदिरों में प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को 15 दिन के भीतर मंदिर प्रबंधन समितियों की बैठक आयोजित ...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 02:53:02 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 02:53:02 PM (IST)
इंदौर और धार के 24 मंदिरों का बदलेगा स्वरूप, संभागायुक्त बोले- मूल धार्मिक स्वरूप से न हो कोई छेड़छाड़
24 मंदिरों का बदलेगा स्वरूप। (AI Generated Image)

HighLights

  1. धार के बिलवामृतेश्वर मंदिर का ₹5.50 करोड़ से कायाकल्प
  2. मंदिर के विकास कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश
  3. 15 दिन में प्रबंधन समितियों की बैठक बुलाने के आदेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। धर्मस्व विभाग के अधीन आने वाले मंदिरों के विकास और प्रबंधन को लेकर संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने सख्ती दिखाई है। संभागायुक्त ने सभी मंदिरों में प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को 15 दिन के भीतर मंदिर प्रबंधन समितियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक मंदिर के लिए प्रबंधक नियुक्त करने और मंदिरों के भंडार का 10 दिन में भौतिक सत्यापन पूरा करने को निर्देशित किया गया।

मंदिरों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई

दरअसल संभागायुक्त कार्यालय में सोमवार को मंदिरों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें इंदौर के 7 और धार जिले के 17 मंदिरों की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिरों में चल रहे अथवा प्रस्तावित जीर्णोद्धार और विकास कार्यों में मंदिरों के मूल स्वरूप और धार्मिक महत्व से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।


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दान की वस्तुओं का बनेगा रिकॉर्ड

बैठक में मंदिरों को प्राप्त होने वाली दान राशि और बहुमूल्य वस्तुओं के व्यवस्थित संधारण पर विशेष जोर दिया गया। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि दान में प्राप्त वस्तुओं की सूची तैयार कर उनका संभावित मूल्य निर्धारित किया जाए। इनके भंडारण में निर्धारित पूरी प्रक्रियाओं का पालन हो। मंदिरों की दैनिक आय-व्यय का रिकॉर्ड तैयार करने के साथ भूमि के प्रबंधन और दर्शनार्थियों की सुविधाओं पर भी ध्यान देने को कहा गया।

गोपाल मंदिर में व्यवस्था होगी बेहतर

गोपाल मंदिर में नवनिर्मित गीता भवन के संचालन की बेहतर व्यवस्था करने, दर्शनार्थियों के बैठने और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गोपाल मंदिर कॉम्प्लेक्स में आवंटित दुकानों की रजिस्ट्री जल्द पूरी करने और शेष दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

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नर्मदा के बीच बिलवामृतेश्वर मंदिर का विकास

धार जिले के धरमपुरी में नर्मदा नदी के मध्य स्थित बिलवामृतेश्वर मंदिर का विकास कार्य भी समीक्षा में शामिल रहा। वर्ष 2025 से जारी कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। यहां 5.50 करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल, संत निवास, शौचालय और अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।