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इंदौर में महिला की मांग: लोन चुक जाए और नया घर बन जाए इतना तो मुआवजा मिले, प्रशासन बोला- वह वहां नहीं रह रही

महिला की मांग है कि उसके पिता विकलांग है, घर पर लोन चल रहा है। इतना मुआवजा मिले कि लोन चुक जाए और नया घर बन जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अफसरों...और पढ़ें

By Udaypratap SinghEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 07:36:20 AM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 07:36:20 AM (IST)
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इंदौर में महिला की मांग: लोन चुक जाए और नया घर बन जाए इतना तो मुआवजा मिले, प्रशासन बोला- वह वहां नहीं रह रही
महिला ने सीएम के सामने किया था हंगामा। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मेट्रो प्रोजेक्ट में घर आने पर मुआवजे की मांग करने वाली महिला को प्रशासन मुआवजा या घर नहीं देगा
  2. मुख्यमंत्री के दौरे पर महिला पिंकी वर्मा उनसे मिली थी और हंगामा किया था
  3. महिला की मांग है कि इतना मुआवजा मिले कि लोन चुक जाए और नया घर बन जाए

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मेट्रो प्रोजेक्ट में घर आने पर मुआवजे की मांग करने वाली महिला को प्रशासन मुआवजा या घर नहीं देगा।

गौरतलब है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री के बड़ा गणपति क्षेत्र स्थित शासकीय स्कूल में दौरे पर महिला पिंकी वर्मा उनसे मिली थी और हंगामा किया था। महिला की मांग है कि उसके पिता विकलांग है, घर पर लोन चल रहा है। इतना मुआवजा मिले कि लोन चुक जाए और नया घर बन जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अफसरों को महिला की सुनवाई कर समस्या हल करने को कहा था।

इनमें रहने वाले परिवारों को मुआवजा व फ्लैट भी दिए जा चुके हैं

प्रशासनिक अधिकारियों को मुताबिक बड़ा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन के लिए पीलिया खाल में 16 मकानों में से 15 को हटाया जा चुका है। इनमें रहने वाले परिवारों को मुआवजा व फ्लैट भी दिए जा चुके है। एसडीएम निधि वर्मा के मुताबिक यहां रहने वाले लोगों के पास राजीव गांधी आश्रय योजना के पट्टे थे। एक्ट में इन्हें विस्थापन किए जाने का नियम है।


नियमानुसार उन्हें एक फ्लैट देना था

जो महिला मुख्यमंत्री से मिली थी। उसके पिता भारत वर्मा के नाम का पट्टा मिला था। नियमानुसार उन्हें एक फ्लैट देना था। वहां रहने वाले लोगों की परेशानी को देखते हुए यह तय किया गया कि प्रत्येक परिवार में 18 वर्ष से अधिक उम्र के जो बालिग है, उन्हें एक परिवार मानते हुए सात लाख रुपये की मुआवजा राशि अथवा फ्लैट व आर्थिक सहायता व सामान शिफ्टिंग के लिए एक लाख 36 हजार रुपये की राशि दी गई।

परिवार यह राशि लेने को तैयार नहीं है

शिकायत करने वाली महिला के पिता भरत वर्मा व भाई बलराम को बालिग मानते हुए 16 लाख 72 हजार रुपये की राशि देना तय किया लेकिन परिवार यह राशि लेने को तैयार नहीं है। उन्हें विकल्प के रुप में प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट व टिगरिया बादशाह व छोटा बांगड़दा में ईडब्ल्यूएस योजना के प्लॉट भी दिखाए गए लेकिन परिवार वहां जाना नहीं चाहता।

तहसीलदार व मेट्रो की टीम ने की थी संयुक्त जांच

एसडीएम निधि वर्मा के मुताबिक तहसीलदार व मेट्रो की टीम द्वारा उस क्षेत्र में संयुक्त जांच में पाया गया कि पिंकी वर्मा का विवाह हो चुका है और वह लसूड़िया के राजीव गांधी नगर में रहती है। उसके आधार कार्ड व समग्र आईडी में वहां का पता दर्ज है। वह सिर्फ पीलिया खाल में अपने पिता के घर आती-जाती है। इस वजह से मुआवजे के लिए वह पात्र नहीं है। उसके पिता व भाई को मुआवजा दे रहे हैं लेकिन वो लेने को तैयार नहीं।

इतनी राशि मिल जाए कि हमारा लोन चुका जाए और हम घर ले सके

मैंने लोन लेकर मकान बनावाया। उस क्षेत्र में छोटी-छोटी चद्दर के मकानों में रहने वालों को 25 से 30 लाख रुपये दिए। मेरे पिता विकलांग है। इस इस वजह से हमारी मांग है भले मुझे राशि न दे लेकिन मेरे पिता व परिवार को 30 से 40 लाख रुपये की राशि तो मिले। इतनी राशि तो हमें मिल जाए कि हमार लोन चुक जाए और हम घर ले सकें। -पिंकी वर्मा, पीड़ित

इंदौर में मुआवजे के लिखित आदेश लेने रोते हुए पहुंची महिला, सीएम ने उसके आवेदन पर लिखकर तुरंत दिए आदेश