आलू चिप्स कारखानों में बिना ट्रांजिट पास पहुंच रही लकड़ियां, वन मुख्यालय तक पहुंची शिकायत, DFO ने दिए जांच के आदेश
इंदौर में आलू चिप्स बनाने वाले कारखानों में बिना ट्रांजिट पास से बड़ी मात्रा में लकड़ी पहुंच रही है। इस संबंध में वन विभाग के मुख्यालय तक शिकायत पहुंच ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 07:26:46 AM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 07:26:46 AM (IST)
कारखानों में बगैर टीपी से आने वाली लकड़ियां को लेकर बढ़ाई सख्तीHighLights
- कारखानों में बगैर टीपी से आने वाली लकड़ियां को लेकर बढ़ाई सख्ती
- इस संबंध में वन विभाग के मुख्यालय तक शिकायत पहुंच गई
- डीएफओ के निर्देश पर एसडीओ ने बनाई टीम, स्टाफ कर रहा गश्त
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आलू चिप्स बनाने वाले कारखानों में बिना ट्रांजिट पास से बड़ी मात्रा में लकड़ी पहुंच रही है। इस संबंध में वन विभाग के मुख्यालय तक शिकायत पहुंच गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले में इंदौर वनमंडल से जानकारी मांगी है। इसके बाद वनमंडल में हड़कंप मचा हुआ है।
शिकायत में बताया गया है कि एक ही ट्रांजिट पास (टीपी) का इस्तेमाल कर एक से ज्यादा वाहनों से लकड़ी खाली करवाई जा रही है। यह नियमों का खुला उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं।
उनके निर्देश पर एसडीओ प्रियंका बामनिया ने महू-मानपुर रेंज में संयुक्त टीम गठित की है। टीम को बिना ट्रांजिट पास चलने वाले वाहनों को पकड़ने के लिए कहा गया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में एक भी वाहन पर कार्रवाई नहीं हुई है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल डीएफओ पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट तैयार करवा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वनकर्मियों की मिलीभगत तो नहीं है।
महू के कोदरिया-बड़गोदा और आसपास के इलाकों में कई आलू चिप्स कारखाने संचालित होते हैं। यहां नवंबर से अप्रैल के बीच भारी मात्रा में लकड़ी की जरूरत होती है। इसी का फायदा उठाकर लकड़ी माफिया सक्रिय हो जाते हैं और बिना वैध दस्तावेजों के लकड़ी सप्लाई करते हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार दिसंबर-जनवरी में गुजरात और राजस्थान के नाम पर बने ट्रांजिट पास का उपयोग किया गया, जबकि लकड़ी इंदौर और धार जिले से ही भरी गई थी।
इतना ही नहीं एक टीपी पर दो-दो गाड़ियों से लकड़ी पहुंचाने की शिकायत भी सामने आई है। जनवरी-फरवरी में सीसीएफ की उड़नदस्ता टीम ने गश्त बढ़ाई थी, लेकिन माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत है कि वे पहले ही टीम की लोकेशन का पता लगा लेते थे। रेंजर नयन पलवी ने बताया कि बिना टीपी की एक गाड़ी को लेकर सख्ती की गई। महू-मानपुर का स्टाफ गश्त करने में लगा है।
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पीथमपुर में भी पहुंच रही लकड़ियां
आलू चिप्स के अलावा अवैध रूप से लकड़ियां पीथमपुर की फैक्ट्रियों में भी पहुंच रही है। यहां देपालपुर से लेकर शाजापुर और धार, खंडवा से भी लकड़ियां मांगवाई जा रही है। कुछ दिन पहले देपालपुर के पास सड़क किनारों पर पेड काटकर माफियाओं ने लकड़ियां रखी थी। इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को की गई।