सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से फिर बुरी खबर, दो दिन से वन विभाग की निगरानी में थी जो बाघिन, वह जंगल में मृत मिली
जानकारी के अनुसार वनमंडल नर्मदापुरम अंतर्गत परिक्षेत्र इटारसी की बीट सोनतलाई में पिछले दो दिनों से एक बाघ की लगातार निगरानी की जा रही थी। बुधवार को इस ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Jan 2026 06:50:02 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jan 2026 06:53:34 PM (IST)
बाघिन का शव पाया गया।HighLights
- शिकार से अफसरों का इंकार, पेट में संक्रमण की आशंका।
- वन विभाग में इस खबर के आते ही हड़कंप मच गया है।
- वन विभाग ने अवैध शिकार की आशंका से इंकार किया है।
नवदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। बाघों के लगातार शिकार और संदिग्ध मौतों के लिए चर्चाओं में रहे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और सामान्य वन परिक्षेत्र से फिर एक दुखद खबर सामने आई है।
बुधवार को तवानगर के जंगल से लगे सोनतलाई क्षेत्र में एक मादा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। वन विभाग में इस खबर के आते ही हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने अवैध शिकार की आशंका से इंकार किया है।
जानकारी के अनुसार वनमंडल नर्मदापुरम अंतर्गत परिक्षेत्र इटारसी की बीट सोनतलाई में पिछले दो दिनों से एक बाघ की लगातार निगरानी की जा रही थी। बुधवार को इस बाघ के अपने पूर्व स्थान पर ही निष्क्रिय अवस्था में पाए जाने पर वन अमले द्वारा पास जाकर निरीक्षण किया गया, जहां मादा बाघ मृत पाई गई।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्य वन संरक्षक वृत्त नर्मदापुरम, वनमंडल अधिकारी नर्मदापुरम, सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के चिकित्सकों की टीम, एनटीसीए द्वारा मनोनीत चिकित्सक, डॉग स्क्वाड, तहसीलदार, ग्राम पंचायत रानीपुर के सरपंच सहित वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रविधान के तहत बाघिन का पोस्टमार्टम पंचनामा की कार्रवाई की गई। वन विभाग के अनुसार चिकित्सक दल द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षण में बाघ की मृत्यु का कारण संभवतः पेट में संक्रमण माना जा रहा है।
मौत के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए बाघ का बिसरा अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है। पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के सभी अवयव एवं अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे किसी भी प्रकार के शिकार की आशंका से इंकार किया गया है।
इसकी पुष्टि के लिए सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के डॉग स्क्वाड द्वारा आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी भी ली गई। सभी अधिकारियों की उपस्थिति में बाघिन के शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाघिन की मृत्यु का अंतिम एवं वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रयोगशाला से प्राप्त बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इस जांच के दौरान सारे आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।