_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। शहर में बड़े पैमाने पर चल रहे आईपीएल सट्टे के ऑनलाइन कारोबार से जुड़े एक रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली से जुड़े एक नेटवर्क की मदद से इस कारोबार का संचालन कर रहा था।
पूछताछ में युवक ने बताया कि दिल्ली में रहने के दौरान उसने यह काम सीखा था, इसके बाद अपने दोस्तों की मदद से इटारसी से गैंग ऑपरेट कर रहा था। अब पुलिस इस गिरोह के दिल्ली से जुड़े तार खंगालने में जुटी हुई है।
कई युवकों ने आत्महत्या तक कर ली है
सोमवार को पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा ने एसडीओपी वीरेंद्र मिश्रा एवं टीआई गौरव सिंह बुंदेला के साथ मामले का पर्दाफाश किया। पिछले सालों में आईपीएल सट्टे में बर्बाद होकर कई युवकों ने आत्महत्या तक कर ली है, वहीं कई लोगों के घर-परिवार तबाह हो गए हैं। जल्दी रईस बनने के लालच में कई युवा इन सटोरियों के कर्ज में डूब जाते हैं, जिसकी सजा उनके परिवारों को भोगना पड़ता है।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने आईपीएल सट्टा संचालन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 14 लाख 22 हजार रुपये की सट्टा सामग्री जब्त की है।
थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह बुंदेला के नेतृत्व में गठित टीम को 12 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि नाला मोहल्ला स्थित अंकित अजनेरिया के मकान में आईपीएल सट्टा संचालित हो रहा है।
पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी
सूचना के आधार पर एसडीएम नीलेश शर्मा से सर्च वारंट प्राप्त कर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां चार सटोरिए, नाला मोहल्ला निवासी अंकित पिता शेर सिंह अजनेरिया, उसका भाई पंकज अजनेरिया, मेहरागांव निवासी दीपक पिता द्वारका प्रसाद जुनानिया एवं रोहित पिता दीपक सक्सेना (नाला मोहल्ला) — को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते हुए पकड़ा गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपित अंकित अजनेरिया ने बताया कि वह गूगल क्रोम के माध्यम से 12 e bet-login वेबसाइट पर लॉगिन कर लोगों से हार-जीत के दांव लगवाता था।
पुलिस ने आरोपितों के पास से
25 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, वाई-फाई कनेक्शन, प्रोजेक्टर एवं स्कूटी के अलावा 6 बैंक पासबुक एवं 5 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं।
बताया गया है कि जो पासबुक बरामद हुई हैं, वे अन्य लोगों के नाम पर हैं। इन पासबुक में जमा 5.89 लाख रुपये पर पुलिस ने होल्ड लगवाया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमत करीब 8.33 लाख रुपये आंकी गई है।
इन मामलों में केस दर्ज
आरोपितों के खिलाफ सट्टा एक्ट की धारा 4 (क) एवं बीएनएस की धारा 112(1) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक गौरव सिंह बुंदेला के साथ उपनिरीक्षक सुरेश चौहान, सहायक उपनिरीक्षक रीना खरे, प्रधान आरक्षक उपेंद्र दुबे, महेंद्र गुर्जर, अंकित, नरेंद्र राजपूत, अनिल पाल, राजेश पवार, गुलशन सोनी, महिला आरक्षक पूनम सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह भी पढ़ें- भोपाल में शराब दुकान के सामने 'भजन-कीर्तन', ईंटखेड़ी में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर बंद कराया शटर